2000 Rs Note Ban: विपक्षी दलों के बजने लगे गाल, किसी ने कहा घोटाला तो किसी ने कहा पहले करो फिर सोचो

  • Authored by: ललित राय
  • Updated May 20, 2023, 11:45 AM IST

2000 Rs Note Ban: 2000 के नोट के बारे में आरबीआई ने अहम फैसला किया है। काले धन पर लगाम लगाने की कवायद में अब इसे हटाने का फैसला किया गया। लेकिन विपक्षी दलों के तेवर गरम हैं, चाहे राष्ट्रीय दल हों या क्षेत्रीय दल मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने सवाल पूछा कि आखिर 8 नवंबर 2016 को जो नोटबंदी हुई उससे फायदा नहीं मिला क्या।

2000 Rs Note Ban: क्लीन नोट पॉलिसी के तहत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को बैंकों से कहा कि वो ग्राहकों को अब 2000 के नोट नहीं जारी करें। इसके साथ ही यह भी कहा कि 2000 के जो नोट चलन में हैं वो कानून वैध हैं। आरबीआई की तरफ से जैसे ही इसकी जानकारी दी गई सियासत, सोशल मीडिया हर जगह सिर्फ एक ही बात कि एक बार फिर नोटबंदी। लोगों के जेहन में भी कई तरह के सवाल कि अब आगे क्या होगा। इन सबके बीच हम यहां पर राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं बताएंगे। बिहार के डिप्टी सीएम रहे सुशील कुमार मोदी ने तो इसे दूसरा सर्जिकल स्ट्राइक करार दिया तो विपक्ष ने कहा कि जब यही करना था तो 2016 में 2000 रुपए के नोट को क्यों जारी किया। यहां पर हम आपको अलग अलग दलों के नेताओं की प्रतिक्रिया बताएंगे।

Two Thousand Rupees, RBI

आरबीआई ने लगाया बैन, विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरा

नोटबंदी सबसे बड़ा घोटाला-बीआरएस

तेलंगाना में सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा 2,000 रुपये के नोट को चलन से बाहर करने की घोषणा को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की आलोचना की।आरबीआई ने 2,000 रुपये के नोट को चलन से बाहर करने की शुक्रवार को घोषणा की। हालांकि, इस मूल्य के नोट बैंकों में जाकर 30 सितंबर तक जमा कराए जा सकेंगे या बदले जा सकेंगे।नोटबंदी को बड़ा ‘घोटाला’ करार देते हुए दासोजू ने मोदी से सवाल किया कि 2016 में नोटबंदी के दौरान दिए गए उन बयानों का क्या हुआ, जिनमें कहा गया था कि इससे ‘‘काले धन और आतंकवादियों की घुसपैठ पर लगाम’’ लगेगी।

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