Twitter India Lay Off: माइक्रो ब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म ट्विटर (Twitter) में जॉब कट (छंटनी) के बाद जिनकी नौकरी बची, उनका भी बड़ा बुरा हाल हो गया। टि्वटर के दफ्तर दुनिया के 24 मुल्कों में फैले हैं और बताया जाता है कि इसका 3700 कर्मचारियों की परमानेंट छुट्टी करने का प्लान है। इस बीच, खबर है कि कंपनी ने अपने शेष कर्मचारियों को अंदरूनी मेल कर आदेश जारी किया है और कहा है- कुछ प्रबंधकों को हफ्ते में सातों दिन 12 घंटे काम करना पड़ेगा।
Twitter India Lay Off: छंटनी से पहले भारत में कंपनी के 200 से अधिक कर्मचारी काम रहे थे।
समझा जा सकता है कि जिनकी नौकरी बच गई, वे भी कंपनी में कम परेशान नहीं हैं। इस दौरान कर्मियों को ओवरटाइम का पैसा नहीं मिलेगा। इतने काम के बाद नौकरी रहेगी या नहीं?...इसकी कोई गारंटी नहीं है, जबकि जो लगातार काम वे करेंगे, उसके बदले में कर्मियों को बाद में अवकाश (कॉम्पलिमेंट्री ऑफ) नहीं मिलेगा। साथ ही जो कर्मचारी इस आदेश को नहीं मानेंगे, उनकी फौरन नौकरी चली जाएगी।
टारगेट पूरा करने के चक्कर में कई कर्मचारी घर तक नहीं जा पा रहे हैं। वर्कलोड अधिक होने के चलते कुछ कर्मचारी ऑफिस में सोते पाए गए। सोशल मीडिया पर इस मामले से जुड़े फोटोज़ भी सामने आए थे। एक तरह से देखें तो मौजूदा टि्वटर कर्मचारियों पर दोधारी तलवार लटकी है। नौकरी जाने के डर के साथ अधिक काम और प्रेशर के बीच निकाले जाने का खतरा भी है।
दरअसल, अमेरिकी कंपनी ने वैश्विक स्तर पर अपने वर्कफोर्स (कार्यबल) में कमी की योजना के तहत भारत (India) में अपने अधिकतर कर्मियों को नौकरी (Job) से निकाल दिया। फिलहाल विश्व के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क (Elon Musk) ने पिछले हफ्ते कंपनी के सीईओ पराग अग्रवाल (Parag Agarwal) और सीएफओ समेत कुछ टॉप अफसरों को निकाल दिया था।
Regarding Twitter’s reduction in force, unfortunately there is no choice when the company is losing over $4M/day.… t.co/beSHf4nXgF
— ANI (@ANI) Nov 4, 2022
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि इंजीनियरिंग, बिक्री व विपणन और संचार टीमों में छंटनी हुई। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि भारत में नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को क्षतिपूर्ति के तौर पर कितना भुगतान किया गया है। भारत में पूरे विपणन और संचार विभाग को बर्खास्त किया गया है। इस बीच, पूर्व सीनियर मैनेजर सिमॉन बैलमेन ने बीबीसी न्यूज को शुक्रवार को बताया, "आज सुबह बगैर किसी वॉर्निंग के मैंने अपना ट्विटर सिस्टम्स का एक्सेस खो दिया। यानी मैं भी ले ऑफ का हिस्सा रहा।"
नाम न बताने की शर्म पर ट्विटर इंडिया के एक कर्मी ने पीटीआई को बताया, ‘‘छंटनी शुरू हो गई है। मेरे कुछ सहयोगियों को इस बारे में ईमेल से सूचना मिली है।’’ एक अन्य सूत्र के अनुसार, छंटनी ने भारतीय टीम के ‘महत्वपूर्ण हिस्से’ को प्रभावित किया है। वैसे, इस छंटनी का पूरा ब्योरा नहीं मिला। छंटनी से पहले हिंदुस्तान में कंपनी के 200 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे थे।
Twitter has had a massive drop in revenue, due to activist groups pressuring advertisers, even though nothing has c… t.co/HU3dBUszCg
— ANI (@ANI) Nov 4, 2022
मस्क ने कंपनी की आय में कमी के लिए ‘एक्टिविस्ट’ को जिम्मेदार बताया था। उनके ट्वीट के मुताबिक, ‘‘एक्टिविस्ट ग्रुप ने विज्ञापनदाताओं पर भारी दबाव बनाया, जिससे ट्विटर की आय में भारी कमी हुई। यहां तक कि कंटेंट की निगरानी से भी कुछ नहीं बदला। हमने एक्टिविस्ट को खुद करने के लिए सब कुछ किया। वे अमेरिका में अभिव्यकित की आजादी को कुचलने की कोशिश कर रहे हैं।’’ उन्होंने 44 अरब डॉलर में ट्विटर का अधिग्रहण करने के तुरंत बाद ऐसा किया। इस बीच, शीर्ष प्रबंधन के कई लोगों ने इस्तीफा दे दिया।
