Trimbakeshwar Temple Case: त्र्यंबकेश्वर मंदिर में हरे रंग की चादर लेकर जबरन घुसने के मामले में पांच लोग अरेस्ट कर लिए गए हैं। मंगलवार (16 मई, 2023) को सूबे के डिप्टी-सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस केस में कड़ा एक्शन लिए जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं।
फडणवीस के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) रैंक का एक अधिकारी एसआईटी का प्रमुख होगा। बयान में कहा गया, "एसआईटी न केवल इस घटना की जांच करेगी, बल्कि इसी तरह की एक अन्य घटना की भी जांच करेगी जो पिछले साल उसी मंदिर में हुई थी।"
दरअसल, यह पूरा वाकया 13 मई, 2023 का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर सामने आए वायरल वीडियो में दो लोग सिर पर टोकरी में चादर लेकर मंदिर परिसर के बाहर नजर आए थे। वे इसके बाद आगे बढ़े और मंदिर के गेट से अंदर की ओर प्रवेश करने लगे थे।
वैसे, इस दौरान उन लोगों को वहां मौजूद गार्ड्स ने रोकने का प्रयास किया था, मगर कथित तौर पर दूसरे धर्म के एक समूह के लोग नहीं माने थे। घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा और चाक-चौबंद कर दी गई है। आपके प्रिय हिंदी खबरिया चैनल टाइम्स नाऊ नवभारत की रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर की दीवार फांदकर वहां जबरन घुसे 10 से 12 मुस्लिम युवक घुसे थे।
मंदिर न्यास के अधिकारी ने इस बारे में सोमवार को समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि मंदिर के सुरक्षाकर्मियों ने शनिवार रात लोगों के एक समूह के मंदिर में प्रवेश करने के प्रयास को विफल कर दिया। घटना के बाद मंदिर न्यास ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी।
जैसे ही इस घटना के बारे में लोगों को पता चला तो हिंदू संगठनों और संत समाज में इसे लेकर गुस्सा फट पड़ा। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई गई है। इस बीच, बीजेपी नेता कृपाशंकर सिंह ने कहा है कि सूबे में इस तरह से अशांति फैलाने का काम हो रहा है।
पुलिस फिलहाल जांच-पड़ताल में जुटी है और मंदिर परिसर और आस-पास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, केवल हिंदुओं को मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति है।
यह मंदिर भारत में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। महाराष्ट्र के नासिक में यह पवित्र धाम गोदावरी नदी के किनारे बना है। यह प्राचीन मंदिर काले पत्थरों से बना हुआ है।
