Times now Summit 2026: टाइम्स नाउ समिट 2026 के मंच से शुक्रवार को स्पेन के राजदूत Juan Antonio March Pujol ने वैश्विक कूटनीति के बदलते समीकरणों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने साफ किया कि स्पेन हमेशा से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता का प्रबल समर्थक रहा है।
टाइम्स नाउ समिट में स्पेनिश एंबेसडर Juan Antonio March Pujol
भारत की पहचान: शांति और समावेशिता
राजदूत Pujol ने एक बहुत ही दिलचस्प सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि भारत को सुरक्षा परिषद के मौजूदा पांच स्थायी सदस्यों की तरह केवल 'राष्ट्रीय हितों' तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके अनुसार, "भारत को सुरक्षा परिषद में समावेशिता, सद्भाव और शांति के ध्वजवाहक के रूप में प्रवेश करना चाहिए। यह दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा।"
भारत का एकीकरण, दुनिया के लिए महान उदाहरण
भारत के इतिहास की सराहना करते हुए राजदूत ने कहा कि 1947 के बाद जिस तरह भारत ने सैकड़ों रियासतों और शक्तियों को एक गणराज्य में पिरोया, वह अद्भुत है। उन्होंने कहा, "बिना किसी आंतरिक सेना के, केवल पुलिस बल के दम पर 150 करोड़ लोगों के लिए एक सुरक्षित और साझा नागरिक स्थान बनाना, जहां लोग कोलकाता से केरल तक बिना रोक-टोक काम कर सकें दुनिया के भविष्य के लिए एक महान उदाहरण है।"
संयुक्त राष्ट्र की प्रासंगिकता और सुधार
विदेश मंत्री एस. जयशंकर की टिप्पणी का हवाला देते हुए Pujol ने कहा कि दुनिया संयुक्त राष्ट्र के साथ ज्यादा बेहतर स्थिति में है। उन्होंने कहा, “ जयशंकर कह रहे थे कि हम संयुक्त राष्ट्र के साथ बेहतर हैं या उसके बिना? मुझे लगता है कि हम संयुक्त राष्ट्र के साथ उसके बिना की तुलना में कहीं बेहतर हैं।”हालांकि, उन्होंने इसे एक 'जीवित शरीर' बताते हुए कहा कि इसकी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इसमें सुधार और विकास जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि सुरक्षा परिषद में सुधार करना समय की मांग है ताकि इसे विश्व शांति के लिए सर्वोच्च वैध संस्था के रूप में सुरक्षित रखा जा सके।
