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Supreme Court के 3 नए न्यायाधीशों ने ली शपथ, 34 हो गई कुल न्यायाधीशों की संख्या

Supreme Court Collegium: सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने 26 मई, 2025 को अपनी बैठक में तीन उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत करने की सिफारिश की थी। जिसके बाद उच्च न्यायालय के तीन न्यायाधीशों - न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया, न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई और न्यायमूर्ति एएस चंदुरकर ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।

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सर्वोच्च न्यायालय के 3 नए न्यायाधीशों ने ली शपथ

Photo : ANI

Supreme Court: उच्च न्यायालय के तीन न्यायाधीशों - न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया, न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई और न्यायमूर्ति एएस चंदुरकर ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने 26 मई, 2025 को अपनी बैठक में तीन उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत करने की सिफारिश की थी। 29 मई को केंद्र ने तीन न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दी थी।

कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया , गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई और बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एएस चंदुरकर को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की गई थी। भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने तीन न्यायाधीशों को सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत करने का निर्णय लिया।

सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत हुई चौंतीस

न्यायमूर्ति अंजारिया ने अगस्त 1988 में गुजरात उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस शुरू की और 21 नवंबर 2011 को उन्हें गुजरात उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया तथा 6 सितंबर 2013 को वे स्थायी न्यायाधीश बन गए। उन्होंने 25 फरवरी, 2024 को कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। न्यायमूर्ति बिश्नोई 8 जुलाई 1989 को अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत हुए और उन्होंने राजस्थान उच्च न्यायालय तथा जोधपुर में केन्द्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में वकालत की। उन्हें 8 जनवरी 2013 को राजस्थान उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया तथा 7 जनवरी 2015 को वे स्थायी न्यायाधीश बने।

न्यायमूर्ति बिश्नोई ने 5 फरवरी, 2024 को गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। जुलाई 1988 में जस्टिस चंदुरकर ने वकील के रूप में नामांकन कराया और मुंबई में अपनी वकालत शुरू की। 1992 में जस्टिस चंदुरकर ने अपनी वकालत नागपुर में शुरू की। 21 जून 2013 को उन्हें बॉम्बे हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 हो गई है।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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