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भारत से सीख रहा विश्व: इथियोपिया अपनाएगा महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास मॉडल

भारत की ग्रामीण आजीविका मिशन की सफलता अब विश्व के लिए प्रेरणा बन रही है। इथियोपिया का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंचा है ताकि महिलाओं के सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन का यह मॉडल अपने देश में भी लागू कर सके।

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(प्रतिकात्मक फोटो-@JK_NRLM)

दिल्ली : भारत का राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) अब दुनिया के लिए मिसाल बन गया है। इथियोपिया सरकार का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत की एक सप्ताह की अध्ययन यात्रा पर है, जहां वे देख रहे हैं कि कैसे भारत ने लाखों ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की राह पर आगे बढ़ाया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित यह दौरा इस बात का प्रमाण है कि भारत न केवल अपनी सीमाओं के भीतर, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी विकास का मार्गदर्शक बन चुका है। 2011 में शुरू हुआ NRLM आज 10.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को 90 लाख स्वयं सहायता समूहों (SHGs) में जोड़ चुका है। इन समूहों ने अब तक औपचारिक वित्तीय संस्थानों से ₹11 लाख करोड़ से अधिक का ऋण प्राप्त किया है। यह किसी भी देश के लिए सामुदायिक वित्तीय समावेशन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

सामूहिक प्रयास और वित्तीय सशक्तिकरण बदलेगी अर्थव्यवस्था

इथियोपिया की प्रतिनिधिमंडल प्रमुख सिंतायहु डेमिसी अदमसु ने कहा, “भारत का NRLM दिखाता है कि सामूहिक प्रयास और वित्तीय सशक्तिकरण कैसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदल सकते हैं। भारत के ग्रामीण विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव टी.के. अनिल कुमार ने इस अवसर पर कहा, “यह दक्षिण-दक्षिण सहयोग की भावना का प्रतीक है। भारत अपने सफल मॉडलों को साझा कर विश्व के अन्य देशों को आत्मनिर्भरता की राह दिखा रहा है।”

नई दिल्ली, अलवर और जयपुर के इस अध्ययन दौरे के दौरान इथियोपियाई दल भारत की नीति संरचना, फील्ड-लेवल कामकाज और महिला उद्यमशीलता के मॉडलों को गहराई से समझेगा।

भारत का यह मॉडल अब सिर्फ ‘रोजगार’ नहीं, बल्कि ‘सशक्तिकरण की क्रांति’ बन चुका है और विश्व उसी राह पर चलने को तैयार है।

Prerit Kumar
प्रेरित कुमारauthor

मैं एक जिज्ञासु पत्रकार हूँ, जो खबरों के हर पहलू को निष्पक्षता के साथ पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य का अनुभव रखता हूँ। पत्रकारिता की दुनिया में एक दशक से सक्रिय हूँ। समाज और सच्चाई को जोड़ने वाली सार्थक पत्रकारिता में विश्वास करता हूँ।

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