बहू से नहीं बेटे के गुणसूत्र से बच्चे का लिंग निर्धारित होता है- दिल्ली हाईकोर्ट ने दिखाया 'दहेज लोभी समाज' को आईना

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 11, 2024, 06:55 PM IST

अदालत ने कहा कि यह परेशानी कई गुना बढ़ जाती है और जीवन भर की समस्या बन जाती है जब दहेज संबंधी अपराध की पीड़िता लगातार यातना और उत्पीड़न के कारण अपनी जान दे देती है, खासकर तब जब उसने दो बेटियों को जन्म दिया हो।

दिल्ली हाईकोर्ट ने दहेज लोभी एक परिवार को गुरुवार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने दहेज लोभी समाज को आईना दिखाते हुए कहा कि वो पुरुष होता है, जिससे बच्चे का लिंग निर्धारण है, महिला नहीं।

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दहेज लोभियों को दिल्ली हाईकोर्ट से लगी फटकार (प्रतीकात्मक फोटो- pixabay)

महिला की मौत का मामला

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि जो माता-पिता "अपने वंश-वृक्ष के आगे बढ़ने" की इच्छा पूरी नहीं होने पर अपनी बहुओं को परेशान करते हैं, उन्हें इस बारे में जागरूक करने की जरूरत है कि यह उनका बेटा है जिसके गुणसूत्र से बच्चे का लिंग निर्धारित होता है, बहू से नहीं। उच्च न्यायालय कथित तौर पर दहेज के कारण एक महिला की मौत के मामले की सुनवाई कर रहा था। पीड़िता को अपर्याप्त दहेज लाने और दो बेटियों को जन्म देने के लिए उसके पति और ससुराल वालों ने कथित रूप से परेशान किया था। अदालत ने कहा कि मौजूदा समय में भौतिक वस्तुओं के साथ महिलाओं को जोड़ कर देखने से समानता और गरिमा के सिद्धांतों का हनन होता है।

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