'अमेठी से रिश्ता खून का भले न हो, संघर्ष का है...' लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार अमेठी पहुंचीं स्मृति ईरानी

स्मृति ईरानी ने कहा, "अमेठी से मेरा रिश्ता खून का नहीं, संघर्ष और सम्मान का है।" उन्होंने जनसभा में इस जगह से अपने रिश्ते को लेकर कई बार बताया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर उत्तर प्रदेश के अमेठी पहुंचीं। उन्होंने कहा, "मेरा यहां से रिश्ता खून का भले न हो, लेकिन संघर्ष का है।"इस सीट से 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को हराने वाली स्मृति ईरानी पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार अमेठी पहुंचीं। वह 2024 में अपनी सीट बरकरार नहीं रख सकी थीं। इस दौरान उन्होंने गौरीगंज के रणंजय इंटर कॉलेज मैदान में रानी अहिल्याबाई होल्कर त्रिशताब्दी स्मृति गोष्ठी और पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित किया।

Smriti Irani

स्मृति ईरानी (फाइल फोटो)

स्मृति ईरानी ने कहा, "मुझे इस मंच पर अतिथि बनाया गया। आज का यह दिन मेरे लिए विशेष केवल इसलिए नहीं है कि हम देवी अहिल्याबाई होल्कर को नमन करने एकत्र हुए हैं, बल्कि इसलिए भी विशेष है क्योंकि आज ही के दिन साल 2014 में नरेंद्र मोदी ने ‘प्रधान सेवक’ के रूप में राष्ट्र सेवा की शपथ ली थी।"

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