इंजीनियर राशिद को हिरासत में संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने की मिली अनुमति, तय हुईं ये शर्तें

राशिद को राहत तो मिली लेकिन शर्तों का भी पालन करना होगा। जेल से बाहर रहने के दौरान राशिद को मोबाइल फोन या लैंडलाइन का इस्तेमाल करने या मीडिया से बातचीत करने की इजाजत नहीं होगी।

Terror funding case: दिल्ली हाई कोर्ट ने आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े एक मामले में जेल में बंद जम्मू-कश्मीर के सांसद अब्दुल राशिद शेख को हिरासत में संसद के मौजूदा सत्र की कार्यवाही में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी है। न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह और न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने कहा कि पुलिस इंजीनियर राशिद को 26 मार्च से चार अप्रैल के बीच हर दिन संसद भवन ले जाएगी और कार्यवाही समाप्त होने के बाद वापस जेल ले आएगी।

Engineer Rashid

इंजीनियर राशिद

राशिद को करना होगा शर्तों का पालन

पीठ ने कहा कि जेल से बाहर रहने के दौरान राशिद को मोबाइल फोन या लैंडलाइन का इस्तेमाल करने या मीडिया से बातचीत करने की इजाजत नहीं होगी। राशिद 2017 के आतंकवादी वित्त-पोषण मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मुकदमे का सामना कर रहे हैं। उन्होंने 10 मार्च के निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उन्हें लोकसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए चार अप्रैल तक अभिरक्षा पैरोल या अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।

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