Times Now Exclusive: AI प्लेन क्रैश में तुर्किये कनेक्शन की अटकलों को टाटा संस के चेयरमैन ने किया खारिज, बोले-ब्लैक बॉक्स से असलियत सामने आ जाएगी

सोशल मीडिया में विमान हादसे के पीछे तुर्किये की इस कंपनी की साजिश की आशंका और अटकलें लगाए जाने के खिलाफ चंद्रशेखरन ने कहा, 'तुर्किये की कंपनी एयर इंडिया के 787 ड्रीमलाइनर विमानों में से किसी का भी रखरखाव नहीं करती। इनमें से ज्यादातर विमानों का रखरखाव भारत में ही AESL अथवा सिंगापुर की SIA इंजीनियरिंग के द्वारा किया जाता है।'

Air India Plane Crash: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने एयर इंडिया AI-171 ड्रीम लाइनर हादसे के पीछे तुर्की एयरलाइन मेंटिनेंस सेंटर टर्किश टेक्नीक की साजिश होने की अटकलों को खारिज किया है। टाइम्स नेटवर्क की ग्रुप एडिटर नाविका कुमार के साथ खास बातचीत में चंद्रशेखरन ने कहा कि एयर इंडिया के बेड़े में 33 बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान हैं और तुर्किये की कंपनी इनमें से किसी का भी रखरखाव नहीं करती। बीते 12 जून को हुए इस प्लेन क्रैश में 270 लोगों की जान गई।

Tata Sons & Air India Chairman Chandrasekaran

टाटा संस & एयर इंडिया के चेयरमैन चंद्रशेखरन।

'787 ड्रीमलाइनर विमानों का रखरखाव नहीं करती कंपनी'

सोशल मीडिया में विमान हादसे के पीछे तुर्किये की इस कंपनी की साजिश की आशंका और अटकलें लगाए जाने के खिलाफ चंद्रशेखरन ने कहा, 'तुर्किये की कंपनी एयर इंडिया के 787 ड्रीमलाइनर विमानों में से किसी का भी रखरखाव नहीं करती। इनमें से ज्यादातर विमानों का रखरखाव भारत में ही AESL अथवा सिंगापुर की SIA इंजीनियरिंग के द्वारा किया जाता है।'

ब्लैक बॉक्स से असलियत सामने आ जाएगी-चंद्रशेखरन

टाटा संस के इस अधिकारी से सवाल था कि कुछ लोग इस हादसे के पीछे तुर्किये की इस कंपनी की साजिश के बारे में बात कर रहे हैं। इसके जवाब में चंद्रशेखरन ने ये बातें कहीं। उन्होंने इन दावों को 'कयासबाजी' बताया और कहा कि सारे सवालों के जवाब फ्लाइट डाटा, कॉकपिट व्वॉयस रिकॉर्डर और ब्लैक बॉक्स की जांच से मिल जाएंगे। हम लोग इसका इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'इस हादसे के बारे में यूट्यूब, मीडिया चैनल्स, सोशल मीडिया में बहुत सारी बातें चल रही हैं लेकिन ब्लैक बॉक्स से असलियत सामने आ जाएगी। तब तक आपको किसी नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहिए, आपको तब तक इंतजार करना चाहिए।'

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