अतीक-अशरफ हत्याकांड में स्लीपिंग पार्टनर्स पर शक, क्या है इसका मतलब

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Apr 19, 2023, 11:35 AM IST

Who are sleeping partners: अतीक और अशरफ अहमद की हत्या के पीछे कौन है, इसके बारे में पुख्ता जानकारी नहीं है। लेकिन दोनों के मारे जाने में कई तरह की थ्योरी सामने आ रही हैं उनमें से एक स्लीपिंग पार्टनर्स की है।

KEY HIGHLIGHTS
  • 15 अप्रैल को अतीक और अशरफ अहमद की हत्या
  • हत्याकांड के तीनों आरोपी प्रतापगढ़ जेल में
  • लवलेश तिवारी, सन्नी सिंह और अरुण मौर्या ने मारी थी गोली

Who are sleeping partners: अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ(Atique ahmed ashraf ahmed news) अब इस दुनिया में नहीं हैं। 15 अप्रैल को मोतीलाल नेहरू मंडलीय अस्पताल के बाहर जब वो मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे उसी वक्त क्लोज रेंज में तीन बदमाशों लवलेश तिवारी, अरुण मौर्या और सन्नी सिंह ने गोली मार दी। तीनों आरोपी पुलिस के कब्जे में हैं। लेकिन यह गुत्थी अभी उलझी हुई है कि आखिर अतीक और अशरफ को मारने के पीछे वजह क्या है। आखिर वो कौन सा शख्स है जो इस हत्याकांड के पीछे। पुलिस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में लगी हुई है। इस मर्डर केस में अतीक और अशरफ के खासमखास रहे शूटर गुड्डू मुस्लिम का नाम सामने आ रहा है तो दूसरी तरफ स्लीपिंग पार्टनर्स का भी नाम सामने आ रहा है। यहां पर हम बताएंगे कि स्लीपिंग पार्टनर्स(sleeping partners) कौन होते हैं।

Atique Ahmed, Ashraf Ahmed, Umesh Pal Murder Case

15 अप्रैल को अतीक और अशरफ अहमद की प्रयागराज में हुई थी हत्या

क्या होते हैं स्लीपिंग पार्टनर्स

बताया जाता है कि जब बदमाश अवैध तरीके से अकूत संपदा अर्जित करते हैं तो वे अपने पैसों के निवेश के लिए विकल्प की तलाश करते हैं। निवेश की तलाश में वो उन लोगों तक पहुंच बनाते हैं जो जमीनों की खरीद ब्रिकी या बिल्डर होते हैं। बदमाश अपने पैसों को इन्हीं लोगों के यहां निवेश करते हैं। आमतौर पर इस तरह के लोग छद्म तरीके से बदमाशों के पैसों का इस्तेमाल करते हैं और उन्हें स्लीपिंग पार्टनर के तौर पर जाना जाता है।अब सवाल यह है कि आखिर अतीक-अशरफ की हत्या में स्लीपिंग पार्टनर्स की भूमिका क्या है। इसके बारे में जानकार बताते हैं दरअसल जब कोई माफिया कमजोर पड़ने लगता है कि तो स्लीपिंग पार्टनर्स उसके निवेश किए गए रुपयों- पैसों को वापस करने से बचने लगते हैं, एक तरह से हड़प करने की फिराक में जुट जाते हैं।

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