साइबर अपराध के गंभीर मामलों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र को शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश

साइबर अपराधों (Cyber Crime) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

साइबर क्राइम (Cyber Crime) के गंभीर रूपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में इंटरनेट पर शारीरिक हिंसा की धमकी, निजी जानकारी सार्वजनिक करने, बच्चों के स्कूल का पता या स्थान उजागर करने, बिना सहमति अंतरंग सामग्री प्रसारित करने और एआई से तैयार की गई आपत्तिजनक सामग्री जैसे गंभीर डिजिटल अपराधों से निपटने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निबटारा करते हुए केंद्र सरकार को इस मामले पर कड़ा एक्शन लेने को कहा है।

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साइबर अपराध के गंभीर मामलों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त (प्रतीकात्मक फोटो- Canva)

याचिकाकर्ता की ओर से क्या कहा गया?

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश एडवोकेट नरेंद्र गोस्वामी ने अदालत के सामने सवाल रखा, “मान लीजिए आज रात 9 बजे किसी महिला के घर का पता इंटरनेट पर डाल दिया जाता है और उसके साथ दुष्कर्म की धमकी दी जाती है। क्या इस स्तर पर भी उस सामग्री को ऑनलाइन रहने दिया जाएगा?”

इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि याचिका में साइबर अपराध के अलग-अलग तरीकों, प्रकारों और पहलुओं को अच्छी तरह सामने रखा गया है। उन्होंने कहा कि इन अपराधों का पता कैसे लगाया जाए और इनकी रोकथाम के लिए क्या कदम उठाए जाएं, यह विशेषज्ञों के क्षेत्र से जुड़े विषय हैं।

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