शादी के बाद बेटी 'पराया धन' नहीं! सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अनुकंपा नियुक्ति में अब नहीं होगा भेदभाव

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसले में साफ किया है कि किसी भी बेटी को सिर्फ उसके शादीशुदा (विवाहित) होने के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति या सरकारी कल्याणकारी लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता।

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि केवल शादीशुदा होने के आधार पर किसी बेटी को अनुकंपा नियुक्ति या कल्याणकारी लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने साफ कहा कि अगर विवाहित बेटी अन्य सभी शर्तें पूरी करती है तो उसका दावा सिर्फ वैवाहिक स्थिति के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के उन फैसलों को भी पलट दिया, जिनमें कहा गया था कि शादीशुदा बेटी परिवार की परिभाषा में नहीं आती और इसलिए उसे अनुकंपा लाभ नहीं मिल सकता। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि विवाहित बेटी को बाहर रखना संविधान के समानता सिद्धांत के खिलाफ है।

supreme court (6)

सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो- PTI)

क्या था पूरा मामला, महिला क्यों पहुंची अदालत?

उत्तर प्रदेश की एक महिला, जो शादीशुदा थी, अपनी मां के निधन के बाद उचित दर (राशन) की दुकान का लाइसेंस अपने नाम पर चाहती थी। महिला का कहना था कि शादी के बावजूद वह अपने मायके में रहती थी, अपनी दिव्यांग बहन की देखभाल करती थी और अपनी मां के साथ राशन दुकान का संचालन भी करती थी।

End of Feed