Jyoti Malhotra Bail Rejection: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों को संवेदनशील जानकारी उपलब्ध कराने के आरोपों का सामना कर रहीं ट्रैवल व्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एस.सी. शर्मा की पीठ ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ लगाए गए आरोप बेहद गंभीर प्रकृति के हैं।
ज्योति मल्होत्रा (फाइल फोटो)
16 मई 2025 को हुई थी गिरफ्तारी
अदालत ने कहा कि उनके बचाव से जुड़े सभी तर्कों और दावों पर विचार ट्रायल के दौरान किया जाएगा, इसलिए इस चरण में उन्हें जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता। ज्योति मल्होत्रा की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि उन्हें 16 मई 2025 को गिरफ्तार किया गया था और किसी भी आपराधिक पृष्ठभूमि के बिना वे एक साल से अधिक समय से हिरासत में हैं। हालांकि, अदालत ने कहा कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इन तर्कों को प्राथमिकता नहीं दी जा सकती।
हल्के में नहीं ली जा सकती राष्ट्रीय सुरक्षा
पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। अदालत ने उन आरोपों का जिक्र किया जिनमें कहा गया है कि आरोपी ने एक पड़ोसी देश की यात्रा की थी और यहां एक ऐसे व्यक्ति के लगातार संपर्क में थी, जिसे सरकार ने भारत छोड़ने का आदेश दिया था। इसके अलावा, उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 7 मार्च को जमानत याचिका खारिज किए जाने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
हरियाणा के हिसार के रहने वाली हैं ज्योति मल्होत्रा
हरियाणा के हिसार की रहने वाली ज्योति मल्होत्रा ‘Travel with Jo’ नाम से एक यूट्यूब चैनल चलाती थीं और उन पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों को संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप है। इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें देश की संप्रभुता और अखंडता को खतरे में डालने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
पाकिस्तान भी गई थीं यूट्यूबर
हरियाणा पुलिस को उनके और दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात एक अधिकारी के बीच संपर्क से जुड़े सबूत मिले, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ी। जांच एजेंसियों का कहना है कि इसके बाद वह पाकिस्तान भी गई थीं, जहां उन्होंने कथित तौर पर सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों से जुड़े कुछ लोगों से मुलाकात की। पूछताछ के दौरान उनसे इन व्यक्तियों की पहचान से जुड़ी जानकारी भी सामने आने का दावा किया गया है।
