जासूसी मामले में यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को 'सुप्रीम' झटका, नहीं मिली जमानत; कोर्ट ने कहा- देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों को संवेदनशील जानकारी देने के आरोपों में घिरी यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया है। पीठ ने कहा कि ऐसे गंभीर आरोपों पर विचार केवल ट्रायल के दौरान ही किया जाएगा।

Jyoti Malhotra Bail Rejection: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों को संवेदनशील जानकारी उपलब्ध कराने के आरोपों का सामना कर रहीं ट्रैवल व्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एस.सी. शर्मा की पीठ ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ लगाए गए आरोप बेहद गंभीर प्रकृति के हैं।

Jyoti Malhotra (File Photo)

ज्योति मल्होत्रा (फाइल फोटो)

16 मई 2025 को हुई थी गिरफ्तारी

अदालत ने कहा कि उनके बचाव से जुड़े सभी तर्कों और दावों पर विचार ट्रायल के दौरान किया जाएगा, इसलिए इस चरण में उन्हें जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता। ज्योति मल्होत्रा की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि उन्हें 16 मई 2025 को गिरफ्तार किया गया था और किसी भी आपराधिक पृष्ठभूमि के बिना वे एक साल से अधिक समय से हिरासत में हैं। हालांकि, अदालत ने कहा कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इन तर्कों को प्राथमिकता नहीं दी जा सकती।

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