'जब तक फांसी का मामला न हो, केस की सुनवाई उसी दिन नहीं होगी...'; सुप्रीम कोर्ट के जज की टिप्पणी से उठे कई सवाल

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि जब तक किसी की जान जाने का मामला न हो, केस उसी दिन लिस्ट नहीं किया जाएगा। उनकी टिप्पणी ने अदालतों में बढ़ते काम के बोझ और पेंडेंसी की हकीकत सामने रखी।

Supreme Court on Urgent Hearing Plea: सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प लेकिन गंभीर प्रसंग सामने आया। एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई कि उनके मुवक्किल का मकान आज नीलामी पर चढ़ने वाला है और अगर याचिका पर आज सुनवाई नहीं हुई, तो उसका कोई महत्व नहीं रहेगा।

न्यायपालिका पर बढ़ते बोझ पर आज सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठतम जज जस्टिस सूर्यकांत में अहम टिप्पणी की

इस पर सुप्रीम कोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज, जस्टिस सूर्यकांत ने तीखी लेकिन सच्चाई बयां करती टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'जब तक किसी को फांसी नहीं दी जानी हो, मैं उसी दिन केस लिस्ट नहीं करूंगा। आप लोग जजों की हालत नहीं समझते…क्या आपको पता है हम कितने घंटे सो पाते हैं? जब तक किसी की आजादी दांव पर न हो, हम उसी दिन सुनवाई नहीं करेंगे।'

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