Supreme Court: नाबालिग लड़कियों के ऑर्केस्ट्रा, स्पा और डांस बार में काम पर SC सख्त, केंद्र को नोटिस जारी

Supreme Court: नाबालिग लड़कियों के ऑर्केस्ट्रा, स्पा और डांस बार में काम पर दाखिल एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार सहित संबंधित मंत्रालयों और राष्ट्रीय संस्थाओं को नोटिस जारी किया है। यह याचिका उन मामलों से जुड़ी है, जिनमें नाबालिग लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा, डांस बार, मसाज पार्लर, स्पा और अन्य मनोरंजन या सेवा क्षेत्रों में कथित तौर पर काम पर लगाए जाने का आरोप लगाया गया है।

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो- PTI)

याचिका में क्या मांग की गई है?

याचिका में कहा गया है कि देश के कई राज्यों में 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों को झूठे वादों के आधार पर ऐसे जगहों में काम पर लगाया जाता है। इसके बाद उन्हें शोषण, जबरन काम और कई मामलों में संगठित तस्करी नेटवर्क के जरिए गंभीर अपराधों का सामना करना पड़ता है। याचिकाकर्ता संगठन जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन (Just Right for Children) ने दावा किया है कि मौजूदा कानूनों में एक बड़ा खालीपन है, जिसका फायदा उठाकर इस तरह की गतिविधियां जारी हैं।

मौजूदा कानूनों पर उठाए सवाल

याचिका में मुख्य रूप से Child and Adolescent Labour (Prohibition and Regulation) Act की खामियों को चुनौती दी गई है। आरोप है कि मसाज पार्लर और स्पा जैसे कारोबार अभी भी “हाई-रिस्क या प्रतिबंधित श्रेणी” में पूरी तरह शामिल नहीं हैं। वहीं ऑर्केस्ट्रा, डांस ट्रूप और नाट्य समूहों जैसे क्षेत्रों को स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित नहीं किया गया। इसी वजह से 14 से 18 वर्ष के किशोरों के शोषण की गुंजाइश बनी रहती है।

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