आप इसलिए पूरा शहर बंद नहीं कर सकते क्योंकि आप प्रदर्शन संभाल नहीं सकते- ट्रेनें रद्द होने और मेट्रो बंद होने का मुद्दा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशन बंद करने, ट्रेनें रद्द करने और इंटरनेट पाबंदी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने याचिका मेंशन की।

CJP के प्रस्तावित जंतर मंतर प्रदर्शन से पहले ट्रेनों को रद्द करने और मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले का उल्लेख किया। कोर्ट ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है, लेकिन इसका इस्तेमाल कानून के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए। मामले में अब दोपहर 2 बजे फिर सुनवाई होगी।

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ट्रेन रद्द होने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू (फाइल फोटो- pti)

सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने कहा कि सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और मेट्रो स्टेशन बंद हैं। लोगों के आने-जाने पर रोक जैसी स्थिति है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में आखिर क्या हो रहा है, जबकि यह एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन है। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, "यह हमारा देश है। सिब्बल ने जवाब दिया कि जब वह अपने देश की बात कर रहे हैं, तो उसमें तुषार मेहता का देश भी शामिल है।

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