नए जजों की नियुक्ति में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, लॉ सेकेट्ररी को नोटिस

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 12, 2022, 08:03 AM IST

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति में लेटलतीफी के लिए सर्वोच्च अदालत ने केंद्र सरकार से नाराजगी जाहिर की है।

देश के कई राज्यों के हाईकोर्ट और साथ ही सुप्रीम कोर्ट(Supreme court highcourt) में नए जज की नियुक्ति(judges appointment) पर केंद्र सरकार द्वारा की जा रही देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम की ओर से भेजे गए नाम पर केंद्र सरकार फैसला लेती है। शुक्रवार को जस्टिस संजय किशन कौल की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए न सिर्फ तल्ख टिप्पणी की है बल्कि केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है।

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जजों की नियुक्ति के सिलिसले में सुप्रीम कोर्ट खफा

क्या है सुप्रीम कोर्ट के आदेश में

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में इस बात पर संज्ञान लिया है कि 5 हफ्ते से ज्यादा का वक्त बीत जाने के बाद भी सुझाए गए नामों पर फैसला लेने में देरी हो रही है। बार एसोसिएशन की तरफ से कहा गया है कि जजों के पद खाली होने से भी 6 महीने पहले भी नामों के सुझाव भेजने के बाद भी सरकार की तरफ से कोई फैसला नहीं लिया जा रहा है।सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह से नामों को रोका नहीं जा सकता है। जजों की नियुक्ति के लिए सिफारिशों को लंबे समय तक लटकाए रखने की कोई वजह नज़र नहीं आती है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की देरी के चलते कई बार अच्छे लोग ख़ुद भी अपना नाम वापस ले लेते हैं, जिससे न्यायपालिका का नुकसान होता है। कोर्ट ने इस बारे में केन्द्रीय विधि सचिव को नोटिस जारी कर 28 नवंबर तक सफाई मांगी है।

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