DGMA का शिपिंग कंपनियों को सख्त फरमान, 'हॉर्मुज' जाने वाले जहाजों पर न करें भारतीय नाविकों की तैनाती, सरकार का बड़ा कदम

DGMA Maritime Advisory India: पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सरकार का बड़ा फैसला। DGMA ने शिपिंग कंपनियों को 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों को तैनात न करने के सख्त निर्देश जारी किए।

Strait of Hormuz Indian Sailors: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण सैन्य टकराव और समुद्री युद्ध के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक बेहद बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। नौवहन महानिदेशालय यानी महानिदेशक समुद्री प्रशासन (DGMA) ने सभी जहाज मालिकों, शिपिंग प्रबंधकों और नाविक भर्ती करने वाली एजेंसियों (RPSL कंपनियों) को सख्त निर्देश जारी किया है कि वे अगले आदेश तक 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले किसी भी व्यावसायिक या तेल टैंकर जहाज पर भारतीय नाविकों की तैनाती तुरंत रोक दें। यह आपातकालीन एडवाइजरी इस सप्ताह खाड़ी क्षेत्र में दो बड़े जहाजों पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद जारी की गई है, जिसमें भारतीय नाविक हताहत हुए हैं।

DGMA का शिपिंग कंपनियों को सख्त फरमान, 'हॉर्मुज' जाने वाले जहाजों पर न करें भारतीय नाविकों की तैनाती, सरकार का बड़ा कदम

DGMA का शिपिंग कंपनियों को सख्त फरमान, 'हॉर्मुज' जाने वाले जहाजों पर न करें भारतीय नाविकों की तैनाती, सरकार का बड़ा कदम (AP)

भारत सरकार का यह फैसला इस सप्ताह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में दो मालवाहक जहाजों- एमटी अल बहिया (MT Al Bahiyah) और एमटी मोम्बासा (MT Mombasa) पर हुए भीषण हमलों के बाद आया है। इन दोनों जहाजों पर चालक दल के कुल 46 सदस्यों में से 30 भारतीय नाविक शामिल थे। 'एमटी अल बहिया' पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की दुखद मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, 'एमटी मोम्बासा' नामक जहाज पर हुए हमले में चालक दल के 9 भारतीय नागरिक घायल हुए हैं।

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