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राउरकेला-भुवनेश्वर वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी, कोच की खिड़की के शीशे टूटे, बाल-बाल बचे यात्री

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Nov 27, 2023, 07:17 AM IST

Stone pelting on Vande Bharat Express: राउरकेला-भुवनेश्वर वंदे भारत एक्सप्रेस (20835) ट्रेन पर पत्थर से हमला किया गया। एक्जीक्यूटिव क्लास के कोच की खिड़की के शीशे टूटे। हालांकि किसी को कोई चोटें नहीं आईं।

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राउरकेला-भुवनेश्वर वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी

Stone pelting on Vande Bharat Express: एक बार फिर वंदे भारत एक्सप्रेस पर हमला हुआ। इस बार ओडिशा के भुवनेश्वर में निशाना बनाया गया। पत्थरबाजी से कोच की खिड़की के शीशे टूट गए। हालांकि किसी यात्री को चोटें नहीं आईं। अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा में ढेंकनाल-अंगुल रेलवे खंड पर मेरामंडली और बुधपंक के बीच पथराव के कारण राउरकेला-भुवनेश्वर वंदे भारत एक्सप्रेस (20835) ट्रेन के एक एक्जीक्यूटिव क्लास के कोच की खिड़की का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया।

अधिकारियों के मुताबिक घटना की सूचना ऑन-ड्यूटी आरपीएफ एस्कॉर्टिंग स्टाफ ने दी। सूचना के बाद ईस्ट कोस्ट रेलवे जोन (ECoR) की सुरक्षा शाखा ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) को सतर्क कर दिया। कटक से RPF के सहायक सुरक्षा कमिश्नर मौके पर पहुंचे।

मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी दी गई। पथराव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रेलवे ने एक बयान में कहा कि ECoR की दोनों सुरक्षा शाखाएं स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर अपराधियों का पता लगाने का काम कर रही हैं। यह देश में पहली बार नहीं है कि वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को निशाना बनाया गया है। ऐसी ही घटनाएं देश के अन्य हिस्सों में भी हुईं। हालांकि अभी तक किसी भी घटना में किसी भी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

भारतीय रेलवे, विशेष रूप से ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECoR) जनता को विशेष रूप से रेल लाइनों के पास रहने वाले लोगों को ट्रेनों पर पत्थर न फेंकने के लिए शिक्षित करने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। जिससे यात्रियों को नुकसान हो सकता है। हालांकि ट्रेन पर पथराव की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन्हें रोकने के लिए भारतीय रेलवे और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रयासों के बावजूद ये घटनाएं जारी हैं।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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