'सोनम वांगचुक चाहते हैं कि लद्दाख नेपाल जैसा बन जाए, 'जेन Z' को उकसाने की कोशिश भी की...', सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सोनम वांगचुक के भाषणों का मकसद लद्दाख के युवाओं को भड़काना और क्षेत्र को नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी अशांति की ओर धकेलना था, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।

केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की निवारक हिरासत (Preventive Detention) का बचाव किया, यह तर्क देते हुए कि उनके सार्वजनिक भाषण भड़काऊ थे, अलगाववादी संदेश दे रहे थे और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा थे, खासकर एक रणनीतिक रूप से संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में।

Sonam Wangchuk

सोनम वांगचुक (फाइल फोटो:PTI)

केंद्र और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने नेपाल और बांग्लादेश की तरह विरोध प्रदर्शन के लिए 'जेन जेड' को उकसाने की कोशिश की थी। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी.वी. वराले की पीठ को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि वांगचुक ने 'अरब स्प्रिंग' जैसे आंदोलन का भी जिक्र किया था। इस आंदोलन के कारण अरब जगत के कई देशों में सरकारें गिर गई थीं।

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