CJP Protest: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने रविवार को जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की, जहां 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) 20 जून से विरोध प्रदर्शन कर परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। वांगचुक के अनशन शुरू करने पर जंतर-मंतर पर ज्यादातर युवाओं और छात्रों समेत सैकड़ों प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए। प्रदर्शन स्थल पर कई किसान नेता भी मौजूद थे। प्रदर्शन की शुरुआत दो मिनट के मौन के साथ की गई।
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर शुरू की भूख हड़ताल (फोटो साभार: abhijeetdipke/instagram)
वांगचुक ने महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि
भूख हड़ताल शुरू करने से पहले वांगचुक और सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। अपने इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के फैसले का कारण बताते हुए वांगचुक ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से शिक्षा उनके दिल के बेहद करीब रही है और जब युवा शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हों, तब वह चुप नहीं रह सकते।
उन्होंने कहा, ''मुझे मजबूरी में यहां बैठना पड़ा है, मैं यह सब खुशी-खुशी नहीं कर रहा हूं। मैं इन दोनों मुद्दों के समर्थन में अनशन पर बैठा हूं। बहुत से लोग मुझसे पूछते हैं कि आप लद्दाख में आंदोलन कर रहे थे, तो अब आप सीजेपी के साथ क्यों हैं? यहां जो मुद्दा शिक्षा का है, वह पिछले 40 वर्षों से मेरे दिल के बेहद करीब रहा है, जब से मैं एक छात्र था।''
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दीपके ने पहले भी किसानों, छात्रों और संगठनों से प्रदर्शन में शामिल होने और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही की मांग का समर्थन करने की अपील की है। रविवार सुबह उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई किसान नेताओं को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए नजरबंद किया जा रहा है।
CJP ने की शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
सीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए 20 जून को जंतर-मंतर पर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। विरोध-प्रदर्शन के दौरान दीपके ने आरोप लगाया था कि यह मामला सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसे को लेकर व्यापक चिंताओं को दर्शाता है।
