SIR News: गोवा, लक्षद्वीप, राजस्थान, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में SIR की अवधि 19 जनवरी तक बढ़ी। चुनाव आयोग के मुताबिक अलग अलग वजहों, और राज्यवार आई मांग के बाद अब दावे और आपत्ति का दौर 19 जनवरी तक बढ़ाया गया है। जारी आदेश के मुताबिक बताया गया है कि आयोग ने आपके अनुरोधों और अन्य संबंधित कारकों पर विचार किया है और इसे 19 जनवरी तक बढ़ाने का फैसला किया है।
SIR की अवधि 19 जनवरी तक बढ़ी (फाइल फोटो: canva)
साथ ही इसमें यह भी कहा गया है कि सभी CEO को यह भी निर्देश दिया जाता है कि वे दावों और आपत्तियों को दाखिल करने की अवधि में विस्तार के बारे में व्यापक प्रचार सुनिश्चित करें। सभी संबंधित अधिकारियों को शेड्यूल का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया जाएगा।वहीं कहा गया है कि इसे राज्य राजपत्र के असाधारण अंक में तुरंत प्रकाशित करवाया जाए और इसकी तीन प्रतियां आयोग को उसके रिकॉर्ड के लिए भेजी जाएं।
संशोधित समय सीमा तय की गई
एक पत्र में निर्वाचन आयोग ने कहा कि इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों-सीईओ के अनुरोधों और अन्य प्रासंगिक कारणों पर विचार करने के बाद संशोधित समय सीमा तय की गई है। निर्वाचन आयोग ने सीईओ को दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि में विस्तार के बारे में व्यापक प्रचार सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।
गैर-योग्य प्रविष्टियों को हटाना है लक्ष्य
यह एसआईआर अभ्यास 2026 में कई राज्यों में विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को अपडेट करने का हिस्सा है। इसका उद्देश्य हर योग्य नागरिक को सूची में शामिल करना और गैर-योग्य प्रविष्टियों को हटाना है। पहले किए गए संशोधनों में नामांकन की अवधि (ज्यादातर राज्यों में 11 दिसंबर 2025 को समाप्त) और प्रारूपित सूची का प्रकाशन (16 दिसंबर 2025) शामिल था। अंतिम सूची फरवरी 2026 में जारी की जाएगी।
