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राम मंदिर चंदा चोरी विवाद: ट्रस्ट ने मंजूर किया चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा; अब कृष्ण मोहन संभालेंगे उनका काम

राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर चल रही जांच के बीच अयोध्या से बहुत बड़ी खबर सामने आई है। श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं।

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चंपत राय और अनिल मिश्रा। (फोटो- pti)

श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने इसकी पुष्टि की। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तीन घंटे चली बैठक के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी ने पत्रकारों को बताया कि चंपत राय के इस्तीफे के बाद राम मंदिर की व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन के लिए ट्रस्ट ने अंतरिम रूप से कृष्ण मोहन को जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें नई कार्यकारी टीम गठित करने के साथ मंदिर की प्रशासनिक और व्यवस्थागत जिम्मेदारियां प्रभावी ढंग से संभालने का दायित्व दिया गया है।

कीमती सामान गायब होने संबंधी खबरों को किया खारिज

इस दौरान ट्रस्ट ने मंदिर से कीमती सामान गायब होने संबंधी मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों को पूरी तरह निराधार करार दिया। ट्रस्ट ने उन वस्तुओं को प्रदर्शित भी किया, जिनके बारे में खबरें चल रहीं थी कि वस्तुएं चोरी हो गई हैं। ट्रस्ट का कहना है कि इस तरह के दावे भ्रामक हैं और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। ट्रस्ट के अनुसार,श्रद्धालुओं द्वारा भेंट की गई करीब 2,800 श्रेणियों की वस्तुओं का विस्तृत रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया है और सभी सामान निर्धारित स्थान पर मौजूद हैं। ट्रस्ट ने यह भी साफ किया कि अगर जरूरत हुई तो इस रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने में भी कोई आपत्ति नहीं होगी।

इससे पहले, उन्होंने कहा कि मंदिर के चंदे में हुए गबन के नतीजों पर चर्चा करने के लिए राम जन्मभूमि परिसर के गेस्ट हाउस में दोपहर 3.15 बजे बैठक शुरू हुई। ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास समेत नौ स्थायी सदस्यों में से सात सदस्य मौजूद थे। इस दौरान ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि जो हुआ वह स्वीकार करने योग्य नहीं है। हम सब इससे आहत हैं। इससे राम भक्तों की भावना को ठेस पहंची है। ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में चंदा चोरी की घटना के बाद हुई इस पहली बैठक में गोविंद देव गिरी ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे का प्रस्ताव रखा था।

26 जून को दिया था इस्तीफा

चंपत राय और अनिल मिश्रा ने चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले के बाद 26 जून को पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 27 जून को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने इसकी पुष्टि भी की थी। सूत्रों का कहना है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर ट्रस्ट की स्वीकारोक्ति के बाद ये दोनों ही लोग ट्रस्ट की आजीवन सदस्यता से भी पूरी तरह बाहर हो गए हैं।

ट्रस्ट में अभी 11 नियमित सदस्य

ट्रस्ट में अभी 11 नियमित सदस्य हैं, जिनमें अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास, वासुदेवानंद सरस्वती, विश्वप्रसन्न तीर्थ, परमानंद गिरि, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी, कृष्ण मोहन, दिनेन्द्र दास और के. परासरन शामिल हैं। अब जबकि उनके इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं, तो ऐसे में ट्रस्ट में तीन पद खाली हो गए हैं। चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है, जबकि ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा का निधन हो गया है। इसके अलावा, ट्रस्ट में अभी कोई उपाध्यक्ष भी नहीं है।

ट्रस्ट में उपाध्यक्ष का पद है खाली

सूत्रों ने बताया कि अभी ट्रस्ट में कोई उपाध्यक्ष नहीं है जो अध्यक्ष की अनुपस्थिति में बैठकों की अध्यक्षता कर सके। पदेन सदस्यों में केंद्र सरकार के सचिव प्रशांत लेखंडे, उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, अयोध्या के ज़िलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा शामिल हैं।

चल रही है चंदा गबन की जांच

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब कथित गबन के मामले में दो समानांतर जांच चल रही हैं। जहां एक ओर एसआईटी प्रशासनिक जांच कर रही है और उसका कार्यकाल जुलाई के अंत तक बढ़ा दिया गया है, वहीं दूसरी ओर ट्रस्ट की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी और पुलिस दोनों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के बयान दर्ज किए हैं। हालांकि, ट्रस्ट के इन तीनों पदाधिकारियों में से किसी के भी खिलाफ़ अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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