Shraddha Murder Case: श्रद्धा वालकर की हत्या के मामले में पुलिस को जंगल से जो हड्डियां बरामद हुईं, उन पर काटने या फिर तोड़ने के निशान मिले। यह बात दिल्ली पुलिस के सूत्रों से हमारे चैनल टाइम्स नाउ नवभारत को बताई। विशेष जानकारी के मुताबिक, जंगल से मिली हड्डियों पर कट के निशान थे। उन्हें देखकर ऐसा लग रहा है कि उन्हें तोड़ा गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है। आफताब के कबूलनामे के बाद दिल्ली पुलिस का दस्ता 16 नवंबर को तीन बार उसी जगह (छतरपुर के जंगल में) पहुंचा था, जहां आरोपी ने श्रद्धा की लाश के टुकड़ों को फेंकने का दावा किया था।
Shraddha Murder Case में पुलिस अब तक शव के 13 टुकड़े बरामद कर चुकी है, जिनमें ज्यादातर हड्डियां हैं। (फाइलः प्रतीकात्मक फोटो)
दूसरी बार पुलिस टीम सुबह करीब नौ बजे मेहरौली के जंगल में 100 फुटा रोड पर पहुंची थी। वहां छानबीन के दौरान एक बड़ी हड्डी मिली थी, जो शरीर की फीमर बोन (Femur Bone) लग रही थी। इसे जांघ की हड्डी (Thigh Bone) भी कहा जाता है। वैसे, यह हड्डी काफी मजबूत होती है, जबकि तीसरी बार दिल्ली पुलिस की टीम छतरपुर एनक्लेव के पास जंगल एरिया और मेट्रो पिलर के पास जंगल एरिया में पहुंची थी। पुलिस को इस बार रेडियस उल्ना (Redius-Ulna), पैटेला (Patella) और फीमर (Femur) आदि हड्डियां बरामद हुई थीं।
Redius-Ulna हाथ की कलाई और कोनी के बीच की हड्डी होती है। यह हड्डी भी मजबूत होती है। Patella को नी कैप भी कहते हैं। इन हड्डियों पर किसी बड़े तेजधार हथियार के कट के निशान भी मिले हैं। शुरुआती तौर पर लग रहा है कि जैसे किसी ने इन्हें काटने और तोड़ने की कोशिश की हो। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि जो हड्डियां पुलिस को मिली हैं वो किसकी हैं? ये हड्डियां श्रद्धा की हैं या फिर किसी और की? यह आगे की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
उधर, मुंबई के डॉक्टर ने 18 नवंबर, 2022 को दावा किया कि वालकर ने पिछले साल उनसे अपने अवसाद और ‘लिव-इन-पार्टनर’ आफताब अमीन पूनावाला के हिंसक व्यवहार पर परामर्श लिया था। मलाड में एक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल चलाने वाले डॉ प्रणव काबरा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा था कि उन्हें फरवरी 2021 में एक फोन आया था और कॉल करने वाली महिला ने अपना नाम श्रद्धा वालकर बताया था। काबरा ने कहा कि वह रोगी को जाने बिना आमतौर पर फोन पर परामर्श नहीं देते थे, लेकिन उन्होंने श्रद्धा की बात सुनने का फैसला किया क्योंकि उसने उनकी परिचित एक सामाजिक कार्यकर्ता का हवाला दिया।
