Sheikh Hasina: बांग्लादेश में चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन और अशांति के बीच बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुश्किलों का अंत नहीं दिख रहा है। भारत में कुछ दिनों के लिए शरण लेने आई शेख हसीना को देश में लंबे समय तक रहना पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके विरोध को देखते हुए भारत लंबी अवधि के लिए उनकी मेजबानी की संभावना की तैयारी कर रहा है। खबरों के मुताबिक, भारत सरकार 77 वर्षीय अवामी लीग प्रमुख के लिए यूरोपीय देश में शरण हासिल करने पर काम कर रही है, लेकिन उनकी यह योजना कुछ अनिश्चितताओं के कारण बाधित हो गई है और अगले कुछ दिनों तक उनके भारत से बाहर जाने की संभावना नहीं है।
शेख हसीना की मुश्किलें
अजीत डोभाल की बारीकी नजर
बताया जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों की कवायद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हसीना की संभावित बैठक की तैयारी भी शामिल है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और शेख हसीना के रहने की योजना और यूरोपीय देश में उनकी संभावित शरण के बारे में नियमित अपडेट ले रहे हैं। 5 अगस्त को सी-130जे सैन्य परिवहन विमान से हिंडन एयरबेस पर उतरी हसीना किसी सेफ हाउस में रह रही हैं, लेकिन उन्हें अधिक बड़े और सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा।
लंदन में शरण लेने की इच्छा
खबरों के मुताबिक, शेख हसीना की आंतरिक सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) कमांडो को तैनात किया गया है, जबकि वायु सेना के गरुड़ कमांडो हिंडन एयरबेस पर बाहरी सुरक्षा देख रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि शेख हसीना के लिए लंदन सबसे पसंदीदा जगह है। उनकी बहन रेहाना के पास ब्रिटिश नागरिकता भी है। उनके लंदन में शरण लेने की अटकलों को उनकी भतीजी ट्यूलिप सिद्दीक की मौजूदगी से भी बल मिलता है, जो उत्तरी लंदन में रहती हैं। यूके पासपोर्ट धारक शेख रेहाना की बेटी ट्यूलिप सिद्दीकी, हैम्पस्टेड और हाईगेट का प्रतिनिधित्व करने वाली लेबर पार्टी की संसद सदस्य हैं और ट्रेजरी विभाग में कनिष्ठ मंत्री के पद पर हैं।
ब्रिटेन-अमेरिका की आनाकानी
हसीना के सामने मुश्किल यह है कि ब्रिटेन ने शरण देने में आनाकानी दिखाई है। यही वजह है कि ब्रिटेन से सुरक्षा का आश्वासन नहीं मिलने के कारण हसीना का भारत प्रवास लंबा हो सकता है। अमेरिका ने भी हसीना को लेकर बेरुखी दिखाई है और कहा तो ये भी जा रहा है कि तख्तापलट में उसका भी हाथ है। वहीं, शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद भी बांग्लादेश में उथल-पुथल और हिंसा जारी है। सरकार विरोधी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या मंगलवार को 440 हो गई। हसीना के देश से भागने के बाद 100 और लोगों की मौत की खबर है। हालांकि, स्थानीय मीडिया ने बताया कि हिंसा प्रभावित देश में स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सेना द्वारा प्रयास जारी हैं।
