कोलकाता, 11 जुलाई 2025: भारत के प्रमुख प्रसारण नेटवर्क, टाइम्स नेटवर्क ने कोलकाता में शुक्रवार को 'SRMB प्रेजेंट्स ग्रोथ समिट वेस्ट बंगाल' का आयोजन किया। इस आयोजन में सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। इस समिट का उद्देश्य बंगाल को भारत के एक सशक्त, भविष्य-उन्मुख विकास इंजन के रूप में प्रस्तुत करना था। इस दौरान शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स, MSME सशक्तिकरण, औद्योगिक परिवर्तन, स्किलिंग और सतत बुनियादी ढांचे जैसे विकास के प्रमुख स्तंभों पर गंभीर चर्चा हुई।
सम्मेलन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व चेयरमैन प्रो. वेद प्रकाश, SRMB सृजन के निदेशक आशीष बेरीवाला, UEM जयपुर के कुलपति प्रो. बिस्वजॉय चटर्जी, और डॉलर इंडस्ट्रीज़ के एमडी विनोद गुप्ता शामिल सहित बड़े उद्योगों के दिग्गज शामिल थे। इन शख्सियतों ने शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग के बीच की दूरी को पाटने, बुद्धिमान इकोसिस्टम बनाने, समावेशी उद्यमिता को बढ़ावा देने और बंगाल की भूमिका को राष्ट्रीय आर्थिक प्रेरक के रूप में मजबूत करने पर व्यावहारिक सुझाव साझा किए।
पश्चिम बंगाल सरकार में उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम, तथा महिला एवं बाल विकास व सामाजिक कल्याण विभाग की मंत्री डॉ. शशि पांजा ने कहा, 'पश्चिम बंगाल भारत के सबसे तेजी से बढ़ते राज्यों में से एक बनकर उभरा है, जिसने ₹1.33 लाख करोड़ से अधिक निजी निवेश आकर्षित किए हैं और 1.8 लाख नौकरियों का सृजन किया है। केवल लौह एवं इस्पात क्षेत्र में ही ₹45,240 करोड़ का निवेश और 62,500 नौकरियों का सृजन हुआ है। इसके बाद तेल, गैस और ऊर्जा क्षेत्र में ₹27,159 करोड़ और 16,000 नौकरियों तथा लॉजिस्टिक्स सेक्टर में ₹19,000 करोड़ और 25,000 नौकरियों का योगदान रहा है। राज्य में 800 निजी औद्योगिक इकाइयां हैं और केवल शीर्ष 10 निवेशकों ने ही ₹44,000 करोड़ का निवेश और 32,500 नौकरियां दी हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'राज्य में भारत का सबसे बड़ा लेदर कॉम्प्लेक्स, होजरी पार्क, फाउंड्री पार्क और रेलवे निर्माण की इकाइयां मौजूद हैं। यह भारत का सीमेंट हब भी है, जहां सभी 9 प्रमुख कंपनियां निवेश कर रही हैं। बंगाल का सिलिकॉन वैली, जो 200 एकड़ में फैला है, यहां 11 डेटा सेंटर्स और टीसीएस, विप्रो, इंफोसिस, कॉग्निजेंट जैसी अग्रणी IT कंपनियां मौजूद हैं। 2023 की औद्योगिक कॉरिडोर नीति के अंतर्गत छह रणनीतिक कॉरिडोर को ADB के ₹3,485 करोड़ के ऋण से सहायता मिल रही है। लॉजिस्टिक्स नीति (₹2,072 करोड़) व्यापार कुशलता बढ़ा रही है। टी टूरिज्म नीति के तहत दार्जिलिंग, कालिमपोंग और जलपाईगुड़ी में 32 प्रस्ताव मिले हैं। रेत खनन नीति से अब तक ₹500 करोड़ की आय हुई है और अगले 5 वर्षों में ₹2,280 करोड़ की आय होने की संभावना है। उद्योगों के लिए फ्रीहोल्ड जमीन की व्यवस्था और 21 प्रस्तावों की मंजूरी एक बड़ा भूमि सुधार है। राज्य के पास 90 लाख MSMEs हैं, जिनमें 36.4% महिला नेतृत्व वाली इकाइयां और 12.73% महिला कार्यबल भागीदारी है। MSME क्रेडिट ₹8.6 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जिसमें 30 गुना क्लस्टर वृद्धि और 35 GI-टैग प्राप्त बंगाल उत्पाद समावेशी और सतत औद्योगिक विकास को दर्शाते हैं।'
डॉलर इंडस्ट्रीज, यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट (UEM), सिस्टर निवेदिता यूनिवर्सिटी द्वारा सह-प्रायोजित और ओमदयाल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस तथा जूलियन डे स्कूल द्वारा एसोसिएट पार्टनर्स के रूप में समर्थित इस समिट का समापन बंगाल को नवाचार, अवसर और विकास के केंद्र के रूप में स्थापित करने के एक साझा संकल्प के साथ हुआ।
