Naxalites Surrendered: अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में सात नक्सलियों ने, जिनमें चार महिलाएं भी शामिल थीं, सुरक्षा बलों के सामने सरेंडर कर दिया। यह सरेंडर केंद्र सरकार द्वारा देश से वामपंथी उग्रवाद (LWE) को खत्म करने के लिए तय की गई समय सीमा खत्म होने से कुछ घंटे पहले हुआ।
छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में सात नक्सलियों ने किया सरेंडर (फाइल फोटो)
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि माओवादियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े पांच नक्सलियों ने दंतेवाड़ा पुलिस लाइंस में वरिष्ठ पुलिस और CRPF अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
उन्होंने बताया कि इन कैडरों पर कुल मिलाकर 9 लाख रुपये का इनाम था। इन्होंने पुलिस की 'पूना नारकोम' (पुनर्वास से सामाजिक एकीकरण तक) पुनर्वास पहल के तहत हथियार डाल दिए।
भैरमगढ़ एरिया कमेटी के सदस्य सोमे कडती पर 5 लाख रुपये का इनाम था
अधिकारी ने बताया कि सरेंडर करने वाले उग्रवादियों में से, भैरमगढ़ एरिया कमेटी के सदस्य सोमे कडती पर 5 लाख रुपये का इनाम था, जबकि लखमा ओयाम , सरिता पोडियम , जोगी कालमू और मोती ओयाम इन सभी पर 1-1 लाख रुपये का इनाम था।
माओवादियों के ठिकानों से 40 हथियार बरामद किए
उन्होंने बताया कि सरेंडर करने वाले कैडरों से मिली जानकारी के आधार पर, पुलिस ने इलाके में माओवादियों के ठिकानों से 40 हथियार बरामद किए। इनमें आठ SLR राइफलें, तीन INSAS राइफलें, एक कार्बाइन, एक .303 राइफल और पांच BGL लॉन्चर शामिल थे। इससे अब कमजोर पड़ चुके इस संगठन की हथियारबंद क्षमताओं को एक बड़ा झटका लगा है।
'मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास जारी'
अधिकारी ने बताया कि कांकेर जिले में दो कैडरों-शंकर (एक प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य) और हिडमा डोडी (एक प्लाटून सदस्य) ने सरेंडर कर दिया और पुलिस को एक AK-47 राइफल सौंप दी।IG ने कहा कि इलाके में सक्रिय अन्य माओवादी कैडरों से संपर्क करने और उन्हें मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास जारी हैं।
सरेंडर और पुनर्वास की समय सीमा खत्म होने में अब बस कुछ ही घंटे बचे
उन्होंने अपील की कि सरेंडर और पुनर्वास की समय सीमा खत्म होने में अब बस कुछ ही घंटे बचे हैं, इसलिए नक्सलियों को इस मौके का समझदारी से इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि वे अपने हिंसक अतीत को पीछे छोड़कर एक शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन अपना सकें।
