जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सुरक्षा बलों ने थानामंडी क्षेत्र के भंगाई जंगलों में चलाए जा रहे आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान एक संदिग्ध आतंकी ठिकाने का पर्दाफाश किया है।
राजौरी में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी (एआई इमेज)
तलाशी अभियान के दौरान जवानों को इस ठिकाने से रोजमर्रा की जरूरत का सामान और खाद्य सामग्री मिली है। इससे साफ अंदाजा लगाया जा रहा है कि आतंकी इस जगह का इस्तेमाल अस्थाई ठिकाने और लॉजिस्टिक्स बेस के रूप में कर रहे थे।
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ठिकाने से बरामद हुआ यह सामान
सुरक्षा बलों की ओर से चलाए गए इस सर्च ऑपरेशन में जो सामान बरामद किया गया है, उनमें शामिल हैं:
2 बोरी चावल
6 पैकेट इंस्टेंट नूडल्स (मैगी)
1 चाकू
1 लाइटर
1 प्लास्टिक शीट
1 पुराना कंबल
1 गैस चूल्हा
2 मोमबत्तियां
1 पांच लीटर की प्लास्टिक बोतल
सुरक्षाबलों ने शुरू की मामले की जांच
सुरक्षा बलों ने बरामद की गई सभी सामग्रियों को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है। इलाके में आसपास किसी अन्य ठिकाने या आतंकियों की मौजूदगी की संभावना को खारिज करने के लिए सुरक्षा बलों का गहन तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) अभी भी लगातार जारी है। मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में आयोजित हो रहे तथाकथित विधानसभा चुनावों के पहले चरण के दौरान भड़की हिंसा ने खूनी रूप ले लिया था। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और पाक रेंजर्स द्वारा आम नागरिकों और प्रदर्शनकारियों पर की गई अंधाधुंध गोलीबारी में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थानीय मीडिया के अनुसार, मृत 19 लोगों में से 16 की पहचान कर ली गई है, जिनमें 'जम्मू एंड कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JKJAAC) के नेता सरदार उमर नजीर के भाई उस्मान नजीर भी शामिल हैं।
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