वंदे मातरम् पर गृह मंत्रालय के परिपत्र के खिलाफ दायर अर्जी खारिज, SC ने कहा-नहीं गाने पर दंड का प्रावधान नहीं

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने मोहम्मद सईद नूरी द्वारा दायर याचिका को 'समय से पहले’दायर की गई याचिका बताया और इसे 'भेदभाव की अस्पष्ट आशंका’ पर आधारित करार दिया।

Supreme Court: उच्चतम न्यायालय ने आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्’ के गायन से संबंधित गृह मंत्रालय के एक परिपत्र के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से बुधवार को इनकार करते हुए कहा कि यह निर्देश अनिवार्य नहीं है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने मोहम्मद सईद नूरी द्वारा दायर याचिका को 'समय से पहले’दायर की गई याचिका बताया और इसे 'भेदभाव की अस्पष्ट आशंका’ पर आधारित करार दिया।

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट।

नूरी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने कहा कि वे देश के हर धर्म का सम्मान करते हैं, लेकिन अगर लोगों को उनके धर्म और आस्था की परवाह किए बिना यह गीत गाने के लिए बाध्य किया जाता है तो कुछ लोगों को यह 'निष्ठा के सामाजिक प्रदर्शन’में भाग लेने की मजबूरी लग सकती है। न्यायमूर्ति बागची ने पूछा कि क्या परिपत्र में राष्ट्रगीत नहीं गाने पर किसी दंडात्मक परिणाम का उल्लेख है या क्या किसी व्यक्ति को इसे नहीं गाने के कारण सभा से निकाला गया है।

End of Feed