Shahjahan Sheikh CBI Custody: लंबी उठापटक और हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार सीबीआई को शाहजहां शेख की कस्टडी मिल गई है। मंगलवार शाम पश्चिम बंगाल की सीआईडी टीम ने संदेशखाली के आरोपी व टीएमसी नेता शाहजहां शेख को सीबीआई के हवाले कर दिया। कस्टडी में देने से पहले उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसके बाद सीबीआई की टीम शाहजहां शेख को लेकर रवाना हो गई।
सीबीआई की हिरासत में सौंपा गया शाहजहां शेख
बता दें, इससे पहले हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी सरकार को बड़ा झटका देते हुए संदेशखाली में ईडी टीम पर हमले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश सुनाया था। इतना ही नहीं कोर्ट ने आरोपी शाहजहां शेख को भी सीबीआई को सौंपने को कहा था। इस मामले में बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि हम पांच मार्च को दिए गए आदेश को लेकर गंभीर हैं। कोर्ट ने आज शम 4:15 बजे तक शाहजहां शेख को सीबीआई के हवाले करने का आदेश सुनाया था।
कल खाली हाथ लौट गई थी सीबीआई की टीम
कलकत्ता हाईकोर्ट ने ठीक इसी तरह का आदेश मंगलवार को भी दिया था। इसके बाद सीबीआई की टीम शाहजहां शेख को कस्टडी में लेने के लिए पुलिस मुख्यालय पहुंची थी, जहां सीआईडी ने शाहजहां शेख को सौंपने से इंकार कर दिया। इसके पीछे मामला सुप्रीम कोर्ट में होने का हवाला दिया गया। बता दें, हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए ममता बनर्जी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की है। बुधवार को हाईकोर्ट ने कहा कि अब तक हमारे पास कोई स्टे ऑर्डर नहीं आया है। इसलिए शाहजहां शेख को सीबीआई को सौंपा जाए।
क्या है पूरा मामला?
ईडी के अधिकारी राशन घोटाले में एक जांच के संबंध में 5 जनवरी को शेख शाहजहां के यहां छापेमारी के लिए उसके आवास पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने दरवाजा खुलवाने का कई बार प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद अधिकारियों ने दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। इसी दौरान कथित तौर पर शेख शाहजहां के समर्थक वहां पहुंच गए और अधिकारियों और सुरक्षा बलों को घेरकर उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमले के बाद ईडी अधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। हमले के बाद शाहजहां शेख फरार हो गया, जिसके बाद इस मामले ने काफी तूल पकड़ा। बीते 29 फरवरी को करीब 55 दिन बाद शाहजहां शेख की गिरफ्तारी हुई थी।
