आदिवासी समाज बचेगा तो सनातन धर्म बचेगा, दिल्ली में उठी अनुसूचित जनजातियों को अधिकार और लाभ सुनिश्चित करने की मांग

Tribal Society: अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने आदिवासी सांस्कृतिक सम्मेलन को 'आदिवासी समाज का कुंभ' बताया और कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए आदिवासियों का अस्तित्व आवश्यक है।

Sanatan Dharma: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से संबद्ध अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने रविवार को दिल्ली में आयोजित आदिवासी सांस्कृतिक सम्मेलन को 'आदिवासी समाज का कुंभ' बताया और कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए आदिवासियों का अस्तित्व आवश्यक है। आदिवासियों के आदर्श बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर लालकिला मैदान में आयोजित 'जनजाति सांस्कृतिक समागम' को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि आदिवासी संस्कृति भारत की आत्मा का प्रतिनिधित्व करती है।

आदिवासी समाज बचेगा तो सनातन धर्म बचेगा, दिल्ली में उठी अनुसूचित जनजातियों को अधिकार और लाभ सुनिश्चित करने की मांग

आदिवासी समाज बचेगा तो सनातन धर्म बचेगा, दिल्ली में उठी अनुसूचित जनजातियों को अधिकार और लाभ सुनिश्चित करने की मांग

सिंह ने आदिवासी पहचान को संरक्षित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'यदि आदिवासी समाज जीवित रहेगा तो सनातन धर्म जीवित रहेगा। यदि आदिवासी संस्कृति जीवित रहेगी तो भारत की संस्कृति जीवित रहेगी।' सिंह ने कहा, 'आदिवासी समुदाय सनातन संस्कृति और सभ्यता का संरक्षक एवं वाहक है।'

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