Sambhal Jama Masjid Verdict: इलाहाबाद हाई कोर्ट में सोमवार को संभल की जामा मस्जिद मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने नया हलफनामा दाखिल करने के लिए कोर्ट से मंगलवार तक का वक़्त दिए जाने की मांग की है। ASI की ओर से आरोप लगाया कि मस्जिद कमिटी के लोगों ने इमारत का रंगरोगन करके इस संरक्षित स्मारक का रंग खराब कर दिया है। कोर्ट ने ASI से कहा कि वह स्पष्ट हलफनामा दायर करे। इस हलफनामे में साफ-साफ इस बात का उल्लेख करे कि मस्जिद के रंगरोगन की जरूरत क्यों नहीं है।
संभल जामा मस्जिद मामले में कोर्ट का फैसला।
रंगरोगन का एएसआई ने किया है विरोध
एएसआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था मस्जिद की रंगाई पुताई की जरूरत नहीं है। मस्जिद कमेटी ने लिखित रूप से एएसआई की रिपोर्ट पर जवाब दाखिल किया है। मस्जिद कमेटी ने अपने जवाब में एएसआई की रिपोर्ट को खारिज करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने मस्जिद कमेटी के जवाब पर एएसआई को आपत्ति दाखिल करने के लिए कहा था।
हवन करने की अनुमति मांगी
हिंदू महासभा का सदस्य होने का दावा करने वाले लोगों के एक समूह ने शुक्रवार को संभल की शाही जामा मस्जिद में पूजन-हवन करने की अनुमति नहीं मिलने के बाद स्थानीय उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के कार्यालय में ‘हवन’ किया। सूत्रों ने बताया कि महासभा के सदस्यों ने संभल की शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर करार देते हुये वहां शुक्रवार को पूजा और हवन करने की अनुमति मांगी थी। संभल की एसडीएम वंदना मिश्रा ने पत्रकारों को बताया कि हिंदू महासभा का सदस्य होने का दावा करने वाले कुछ लोग नयी दिल्ली से यहां आए थे, और उन्होंने शाही जामा मस्जिद में हवन एवं पूजन करने की अनुमति मांगी।
संभल के सीओ के बयान पर हुआ विवाद
संभल सर्कल ऑफिसर (सीओ) चौधरी ने कहा कि चूंकि होली साल में एक बार आती है और साल में 52 जुम्मा (शुक्रवार) होते हैं, इसलिए मुस्लिम समुदाय के लोगों से अनुरोध किया गया है कि अगर वे रंग लगाना बर्दाश्त नहीं कर सकते तो वे घर के अंदर रहें। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में चौधरी ने कहा कि हमने मुस्लिम समुदाय से अनुरोध किया है कि अगर उन्हें रंग लगना पसंद नहीं है तो वे होली के मौके पर न आएं। साल में 52 जुम्मा (शुक्रवार) होते हैं, लेकिन होली सिर्फ एक दिन होती है।
