Awareness for Women Safety: कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले की गूंज पूरे देश में है। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुख रूप से दुनिया के सामने रखा है। ये वीभत्स घटना बताती है अस्पताल जैसी सुरक्षित जगह पर भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे में महिलाओं को अपनी सुरक्षा खुद करनी होगी। आज के माहौल में महिलाएं कभी भी, कहीं भी किसी भी हादसे, हमले या वारदात का शिकार हो सकती हैं। इसे देखते हुए आपको अपनी सुरक्षा का खास ध्यान रखना होगा और अधिक सजग रहना पड़ेगा। किस तरह आप जागरूक रह सकती हैं जानिए।
सुरक्षा को लेकर रहें जागरूक
खुद की रक्षा करने का आर्थ सिर्फ यह नहीं है कि आप लात-घूंसे चलाने और सीधे हमलावरों से मुकाबला करने की सोचने लगें। आत्मरक्षा का अर्थ यह भी है कि आप पहले से ही इसके लिए तैयार रहें और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहे। अपने परिवेश के बारे में जानिए और अपने संभावित हमलावर की संभावित रणनीतियों के बारे में जागरूकता रखिए।
क्या कहती है छठी इंद्रिय?
आपको अपनी "छठी इंद्रिय" के प्रति जागरूक रहना होगा। समझिए कि आपके अंदर की आवाज क्या कहती है। खासकर महिलाओं के पास इसकी क्षमता अधिक होती है। लेकिन बहुत कम लोग ही इस पर ध्यान देते हैं। इस शक्ति पर भरोसा करना सीखें और इसका पूरा लाभ उठाने के लिए इसका उपयोग करें। ऐसे व्यक्ति या स्थिति से बचें जो आपको सुरक्षित महसूस नहीं होता है।
अगर आप अतिरिक्त सावधानी बरतना चाहते हैं, तो कई डिवाइस आपके लिए जीवन रक्षक साबित हो सकते हैं। इन्हीं में से एक है पोर्टेबल बैटरी चार्जर। आप इसे अपने फोन के खराब होने की स्थिति में कहीं भी चार्जर लगाए बिना फोन को सीधे चार्ज कर सकते। बचाव के लिए एक अलार्म खरीदें। यह आपको आस-पास के लोगों को अलर्ट करने में मदद देगा कि आप खतरे में हैं। अपने साथ मिर्च स्प्रे जैसी चीजें भी रख सकते हैं जो आपको मुसीबत में मदद कर सकता है।
