Bihar Elections 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मामला गर्माया हुआ है। विपक्ष चुनाव आयोग के फैसले की टाइमिंग पर सवाल उठा रहे हैं। साथ ही उसे मनमाना भी करार दिया। इस बीच, राजद ने चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
राजद नेता मनोज झा (फोटो साभार: @manojkjhadu)
मनोज झा ने दायर की याचिका
राजद नेता मनोज झा ने चुनाव आयोग के फैसले पर रोक लगाने की सुप्रीम कोर्ट से मांग करते हुए एक याचिका दाखिल की। इससे पहले एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा भी चुनाव आयोग के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे चुके हैं।
इन याचिकाओं में कहा गया है कि चुनाव आयोग का यह फैसला मनमाना है और इसके चलते बिहार के लाखों मतदाताओं का मतदान का अधिकार छीन जाएगा। बिहार में इसी साल चुनाव होने हैं। बीते 24 जून को चुनाव आयोग ने बिहार में वोटर लिस्ट के एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न) की घोषणा की थी। आयोग के इस फैसले पर कई विपक्षी दल के नेता भी अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।
