West Bengal Politics: 'फर्जी हस्ताक्षर' मामले में तृणमूल कांग्रेस से दो विधायकों को निष्कासित किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल में सियासी घटनाक्रम काफी तेज हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि निष्कासित विधायकों ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने सोमवार देर रात टीएमसी के कई विधायकों के साथ गोपनीय मुलाकात की। सूत्रों का कहना है कि 15 से 20 विधायक ऋतब्रत और संदीपन के संपर्क में हैं। बता दें कि तृणमूल कांग्रेस ने कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर अपने दो विधायकों, संदीपन साहा और रीताब्रत बनर्जी को सोमवार को निष्कासित कर दिया।
टीएमसी में चौड़ी हुई दरार।
तृणमूल कांग्रेस में चौड़ी होने लगी है दरार
इस कार्रवाई से विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के एक महीने से भी कम समय के भीतर ही तृणमूल कांग्रेस के विधायी इकाई के भीतर स्पष्ट दरारें सामने आ गई हैं। इस निष्कासन आदेश से कुछ ही मिनट पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय में संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा था कि दो विधायकों ने राज्य विधानसभा में 'फर्जी हस्ताक्षर’ के संबंध में शिकायतें दर्ज कराई है। यह मामला तृणमूल कांग्रेस द्वारा शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष के रूप में समर्थन दिए जाने के पत्र से जुड़ा है।
टीएमसी ने दोनों विधायकों को भेजा पत्र
दोनों विधायकों को भेजे गए पत्र में कहा गया है, 'अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के संज्ञान में सक्षम प्राधिकारी के माध्यम से यह बात लाई गई है कि तृणमूल द्वारा नामित उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित होने के बावजूद आप पार्टी के अधिकृत नेतृत्व द्वारा बुलाई गई बैठकों में शामिल होने में बार-बार विफल रहे हैं और आपने खुद को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल किया है।’ पार्टी उपाध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है, 'यह भी पाया गया है कि आप ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं और आपने ऐसे बयान दिए हैं, जो तृणमूल कांग्रेस के हितों के प्रतिकूल हैं।’
टीएमसी ने भाजपा पर लगाया आरोप
पत्र में कहा गया है कि मामले पर समुचित विचार-विमर्श के बाद 'तृणमूल कांग्रेस के सक्षम प्राधिकारी ने आपको पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निष्कासित करने का फैसला किया है।’ नोटिस में कहा गया है, 'परिणामस्वरूप, इस नोटिस के जारी होने की तिथि से आप पार्टी से संबंधित किसी भी पद, जिम्मेदारी या विशेषाधिकार से मुक्त हो जाएंगे। निष्कासन नोटिस से कुछ मिनट पहले, शुभेंदु ने तृणमूल खेमे पर जमकर हमला बोला और आरोप लगाया कि 'राज्य की जनता द्वारा नकारे जाने के बावजूद पार्टी ने अपने धोखाधड़ी वाले तौर-तरीके अब भी नहीं छोड़े हैं।’
हरे स्ट्रीट पुलिस थाने में दर्ज कराया जाली हस्ताक्षर का मामला
शुभेंदु ने कहा कि तृणमूल के दो विधायकों -हावड़ा के उलुबेरिया पूर्व सीट जीतने वाले रीताब्रत बनर्जी और मध्य कोलकाता के एंटाली से विधायक संदीपन साहा- द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर ही विधानसभा सचिवालय ने शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता घोषित करने के लिए तृणमूल विधायक दल के जाली हस्ताक्षर का मामला हरे स्ट्रीट पुलिस थाने में दर्ज कराया था। मुख्यमंत्री ने कहा, 'यह जांच भाजपा द्वारा शुरू नहीं की गई थी। यह तृणमूल कांग्रेस के दो विधायकों द्वारा 27 मई को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की कार्रवाई थी। विधायकों ने आरोप लगाया था कि छह मई को हुई उनकी पार्टी की बैठक में विपक्ष के नेता के चयन के संबंध में कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया था। उन्होंने शिकायत की थी कि 70 विधायकों द्वारा हस्ताक्षरित उनकी पार्टी का समर्थन पत्र फर्जी और मनगढंत है, जिसमें से 14 हस्ताक्षर बड़े अक्षरों में किए गए हैं।'
