Ram Temple Donation Theft: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी अपनी जांच तेज कर चुकी है। एसआईटी अब तक छह दिन की जांच पूरी कर चुकी है और इस दौरान श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के सभी पड़े पदाधिकारियों से पूछताछ हो चुकी है। सूत्रों का कहना है कि न्यास के महासचिव चंपत राय के करीबी टिन्नू यादव पर एक्शन हो सकता है। टिन्नू यादव पर केस दर्ज हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव ट्रस्ट से अलग हो सकते हैं। इसके अलावा एसआईटी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है।
राम मंदिर दान चोरी मामले में SIT की जांच तेज।
पैसों की गिनती में शामिल रहे बैंक कर्मचारियों पर कानूनी शिकंजा कस सकता है। सूत्रों का कहना है कि जिन कर्मचारियों की लापरवाही से दान की चोरी हुई उन पर केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा सकता है।
बैंक कर्मचारियों से भी हुई पूछताछ
जानकारी के मुताबिक एसआईटी अब तक चंपत राय, गोपाल राव, अनिल मिश्रा, केडी तिवारी सहितट्रस्ट के सभी बड़े पदाधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। बैंक कर्मियों से भी पूछताछ हुई है। इस जांच में मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज को अहम कड़ी माना जा रहा है। कहा गया है कि 45 दिनों के बाद सीसीटवी फुटेज अपने आप डिलीट हो जाता है। ऐसे में एसआईटी को तय करना है कि वह केवल पूछताछ के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ाएगी या इलेक्ट्रानिक सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम की मदद लेगी।
दानकर्ताओं के बयान दर्ज करेगी SIT
यही नहीं, चांदी, सोने और आभूषण दान करने वाले लोगों के बयान दर्ज होंगे। दान करने वालों को क्या रसीद मिली है, इसकी भी जांच होगी। बैंक की भूमिका पर सवाल हैं। दावा है कि चढ़ावे में मिले पैसों को गिनने के लिए बैंक ने आउससोर्स किए गए कर्मचारियों की नियुक्ति की थी।
