पुलवामा आतंकी हमले की आज सातवीं बरसी है। 14 फरवरी 2019 को हुए उस कायराना हमले की याद में आज पूरा देश भावुक है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट कर उन 40 बहादुर सीआरपीएफ (CRPF) जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।
रक्षा मंत्री ने सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए किया पोस्ट (फाइल फोटो | PTI)
"आतंकवाद को जड़ से मिटाएंगे"
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीदों को याद करते हुए लिखा कि 14 फरवरी 2019 का वह दिन देश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा, "पुलवामा हमले में जान गंवाने वाले बहादुर जवानों को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। पूरा देश इन शहीदों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है।" राजनाथ सिंह ने अपने पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि इन जवानों का बलिदान हमें आतंकवाद के गंभीर खतरों की याद दिलाता रहता है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि भारत सरकार आतंकवाद को उसके हर स्वरूप में खत्म करने और देश को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। रक्षा मंत्री ने अपने संदेश में विशेष रूप से शहीद परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
7 साल पहले क्या हुआ था?
14 फरवरी 2019 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ का काफिला गुजर रहा था। तभी एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटक से लदी गाड़ी जवानों की बस से टकरा दी थी। इस भीषण विस्फोट में 40 जवान शहीद हो गए थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और हर तरफ से बदले की मांग उठी थी।
जब बालाकोट में गूंजे भारतीय लड़ाकू विमान
पुलवामा हमले के महज 12 दिन बाद, 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर आतंकी शिविरों पर एयरस्ट्राइक की थी। भारत की इस जवाबी कार्रवाई ने दुनिया को संदेश दिया था कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। आज की बरसी पर रक्षा मंत्री का बयान इसी 'जीरो टॉलरेंस' नीति को फिर से पुख्ता करता है।
