Rajasthan में गहलोत-पायलट की रार बरकरार? मंच पर तल्खी, राहुल के सामने 'यात्रा' में दूरी और संबंधों में दिखी खटास

  • Authored by: रंजीता झा
  • Updated Dec 5, 2022, 02:06 PM IST

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने रविवार (चार नवंबर, 2022) को कहा था कि राजस्थान कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है। राज्य में ‘भारत जोड़ो’ यात्रा को ऐतिहासिक बनाने पर हम केंद्रित हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में अशोक गहलोत के साथ विवाद का प्रभाव पड़ने के बारे में उन्होंने कहा था कि किसी तरह की चिंता की कोई बात नहीं है। राजस्थान में यात्रा को सफल बनाने को लेकर पार्टी में सर्वसम्मति है। लोग मनगढ़ंत विवाद पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन पार्टी एकजुट होकर अन्य राज्यों की तुलना में राजस्थान में यात्रा को अधिक सफल बनाएगी।

भारत जोड़ो यात्रा के राजस्थान आगमन के साथ ही कांग्रेस की अंदरूनी कलह सामने आने लगी है। लाख कोशिशों के बावजूद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच तल्खी देखने को मिली। फिर चाहे वह झालावाड़ में मंच से पायलट का नाम न लिया जाना हो या यात्रा के पहले ही सुबह राहुल गांधी के साथ गहलोत और पायलट का एक साथ यात्रा में शामिल न होना हो। वैसे, संगठन महासचिव वेणुगोपाल और मीडिया चेयरमैन जयराम रमेश इस गुटबाजी और तल्खी को ढंकने के पूरे प्रयास करते नजर आए।

राजस्थान पहुंचते ही गहलोत और पायलट को खींचतान से ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी को नीति और नीयत की वजह से भारत के टूटने का खतरा बढ़ रहा है। मोदी की विचारधारा विभाजनकारी है। उनकी वजह से राजनीति में तानशाही प्रवृति बढ़ रही है। राहुल की भारत जोड़ो यात्रा का मकसद चुनावी फायदा उठाना नहीं है। हालांकि, चुनावी जानकारों का कहना है कि उन्हें और कांग्रेस को इसका राजनीतिक लाभ जरूर मिलेगा।

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