वोट चोरी और एसआईआर (SIR) के मुद्दे के बीच शुक्रवार रात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात की। मुलाकात के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत की। राहुल गांधी ने दावा किया कि वह इस बात से हैरान हैं कि राष्ट्रपति ने चुनाव में धांधली के आरोपों को खारिज नहीं किया और विपक्षी नेताओं की बात सुनी। राहुल गांधी के इस दावे को लेकर बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
राष्ट्रपति से मुलाकात को लेकर राहुल गांधी के दावों पर बीजेपी नेताओं का पलटवार। PTI
बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, “राहुल गांधी झूठ बोल रहे हैं। उन्हें झूठ बोलने में महारत हासिल है। कृपया राष्ट्रपति को इस विवाद से दूर रखें। यह गलत है और पार्टी ने भी इसका स्पष्ट रूप से खंडन किया है। ऐसा कोई मुद्दा था ही नहीं।”
उन्होंने आगे कहा, “वे लगातार ‘वोट चोरी’ का शोर मचाते रहते हैं। देखिए, ममता बनर्जी को नंदीग्राम में 1.25 लाख वोटों से और मुर्शिदाबाद क्षेत्र में 70 हजार वोटों से कितनी बुरी हार का सामना करना पड़ा, जबकि वहां मुस्लिम आबादी 70 प्रतिशत है। असम में भी वे लोकसभा उपचुनाव 1.5 लाख वोटों से हार गए। वे लगातार चुनाव हार रहे हैं। जनता उन्हें वोट नहीं देती, फिर भी वे दिल्ली में हंगामा करते रहते हैं।”
राहुल गांधी को क्या दी सलाह?
रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी को सलाह भी दी। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी को मेरी एक अच्छी सलाह है। अपनी पार्टी को मजबूत कीजिए और जनता का भरोसा फिर से हासिल कीजिए। दिल्ली की सड़कों पर बैठकर आप जिस तरह की नौटंकी करते हैं, वह किसी नेता प्रतिपक्ष को शोभा नहीं देती।”
दिल्ली में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से पहले कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर उन्होंने कहा, “दिल्ली भारत की राजधानी है। क्या दिल्ली के लोगों को अव्यवस्था के बीच छोड़ दिया जाना चाहिए? यह सही नहीं है।”
हो सकता है राहुल जो बोल रहे हैं, वह असत्य हो: राजीव प्रताप रूडी
वहीं, राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “जब देश की सर्वोच्च संस्था और संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से बात करके आते हैं, तो उस बातचीत को बाहर रखना कहां तक मर्यादित है, यह बड़ा सवाल खड़ा होता है। हम और आप यह नहीं पूछ सकते कि राष्ट्रपति ने क्या कहा। ऐसा भी हो सकता है कि राहुल गांधी जो कह रहे हैं, वह असत्य हो। राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं। वह जाकर मिल सकते हैं, मगर राष्ट्रपति ने क्या कहा, उस पर टिप्पणी करने का अधिकार उनके पास नहीं है।”
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन से पहले कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा, “हम लोगों ने बिहार में भी देखा था कि कैसे आगजनी की घटनाएं हुईं। सरकार तो हमेशा व्यवस्था करती ही है। आप अगर सरकार को चुनौती दें और विधि-व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करें, तो सरकार का दायित्व बनता है कि वह व्यवस्था बनाए रखे। यह कोई अलग बात नहीं है।”
मुलाकात के बाद क्या बोले राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने संवाददाताओं से कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू ने विपक्षी सांसदों से 'वोट चोरी' के आरोपों के सबूत मांगे हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक के नेता राष्ट्रपति को सबूत सौंपेंगे, जब वह उन्हें स्वीकार करने के लिए तैयार होंगी।
