Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj Campaign : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने देश के छात्रों और युवाओं के हक में एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है। राजस्थान (Rajasthan News) के कोटा से 'छात्रों की गूंज महारैली' के जरिए उन्होंने एक राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की है, जिसका मकसद शिक्षा, सरकारी परीक्षाओं में धांधली और बेरोजगारी के मुद्दों को सीधे सरकार के सामने उठाना है।
राहुल गांधी ने उठाया छात्रों के मानसिक तनाव का मुद्दा (फोटो: X/@RahulGandhi)
कोटा में युवाओं के भारी हुजूम को संबोधित करने के बाद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "कोटा, आप कमाल थे। यकीन मानिए, कल हमने मिलकर इतिहास की शुरुआत की। मैदान में हजारों छात्र थे और लाखों लोगों ने इसे ऑनलाइन देखा। देश को पहली बार खुलकर पता चला है कि शिक्षा के नाम पर कितनी बड़ी वसूली चल रही है।" उन्होंने युवाओं से एक ऑनलाइन पेटिशन (याचिका) पर दस्तखत करने और अपने सुझाव भेजने की अपील की है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: 'दुनिया के 50% डिजिटल ट्रांजैक्शन अकेले हमारे देश में', विविटेक 2026 में पीएम मोदी ने दुनिया को दिखाया भारत का दम
'छात्रों की गूंज' सिर्फ अभियान नहीं-राहुल गांधी
राहुल गांधी ने भावुक अपील करते हुए कहा कि यदि किसी युवा ने पेपर लीक का दर्द झेला है, परीक्षाओं में धोखाधड़ी देखी है, या भारी-भरकम फीस के कारण जिसके सपने टूटे हैं, तो 'छात्रों की गूंज' उनकी वास्तविक आवाज बनेगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक अभियान नहीं है, बल्कि एक ऐसा मंच है जो सस्ती शिक्षा, निष्पक्ष परीक्षाओं और सम्मानजनक रोजगार की मांग को सरकार के कानों तक पहुंचाएगा।
बदलाव की मांग
कांग्रेस पार्टी इस अभियान को देशव्यापी स्तर पर ले जाने की तैयारी में है। इसके तहत संसद से लेकर सड़क तक विरोध प्रदर्शन और चर्चाएं आयोजित की जाएंगी। राहुल गांधी आने वाले दिनों में इलाहाबाद (प्रयागराज), पटना और दिल्ली में भी ऐसे ही छात्र सम्मेलनों को संबोधित करेंगे।
रट्टू तोता बनाने वाली व्यवस्था पर प्रहार
अपनी 'भारत जोड़ो यात्रा' के अनुभवों को साझा करते हुए राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था की कमियों और युवाओं के मानसिक तनाव पर भी खुलकर बात की। उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक भाषणों से हटकर एक गंभीर मुद्दा उठाया। राहुल ने कहा कि आज देश का युवा सिर्फ पांच करियर विकल्पों—इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, आईएएस (IAS) और सुरक्षा बल—तक ही सीमित होकर रह गया है। हमारे सिस्टम में व्यावसायिक और रचनात्मक विविधता की भारी कमी है, जिसके कारण युवाओं पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
NEET-UG परीक्षा का भी जिक्र
यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब देश का युवा परीक्षाओं में गड़बड़ियों से परेशान है। इसी बीच, नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) की रद्द हो चुकी परीक्षा का दोबारा आयोजन (Re-examination) 21 जून को दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होने जा रहा है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मई में हुए पेपर लीक विवाद के बाद यह फैसला लिया था। राहुल गांधी ने साफ किया कि कोटा से जो बदलाव की लौ जली है, उसे अब पूरे देश में मशाल बनाना है।
