Congress Gotra Sawal: राजनीति में गोत्र के सवाल पर एक बार फिर बवाल छिड़ गया है। कांग्रेस और राहुल गांधी के गोत्र पर मोदी सरकार की मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने सवाल खड़े किए, जिसके बाद सियासत में एक बार फिर उबाल आ गया। मगर राजनीति और गोत्र का आखिर क्या वास्ता है, आखिर बार-बार कांग्रेस और खासकर राहुल गांधी के गोत्र पर क्यों सवाल उठाया जाता है। पहले आपको समझाते हैं कि आखिर गोत्र होता क्या है।
क्या होता है गोत्र और क्यों राहुल गांधी पर बार-बार उठता है सवाल?
पूर्वजों का प्रतिनिधित्व करता है गोत्र
हिंदुओं में गोत्र व्यवस्था की काफी मान्यता है। मोटे तौर गोत्र पर उन लोगों के समूह को कहते हैं जिनका वंश एक मूल पुरुष पूर्वज से अटूट क्रम में जुड़ा है। इसका सीधा संबंध किसी कुल या वंश से होता है। किसी मूल व्यक्ति या पूर्वजों का प्रतिनिधित्व उनका गोत्र ही करता है। सामान्यत: ऋषियों को गोत्र परंपरा में मूल व्यक्ति माना गया है। हिंदू धर्म की विधि के तहत दो प्रसिद्ध सिद्धांत हैं, पहला- मिताक्षरा और दूसरा दायभाग है।
मिताक्षरा सिद्धांत के अनुसार खून के रिश्तों (संबंधियों) को दो प्रवर्गों में विभक्त किया जा सकता है। पहला- सपिंड गोत्रज अथवा गोत्रिय और दूसरा- बंधु या अन्य गोत्रिय। गोत्रिय का अर्थ पितृ पक्ष (पिता से संबंधित) है। जबकि अन्य गोत्रिय का अर्थ मातृपक्ष से जुड़ी शृंखला है। अब आपको बताते हैं कि आखिर राहुल गांधी का क्या गोत्र है।
जानिए राहुल गांधी का गोत्र क्या है
राहुल गांधी ने साल 2018 में हुए मध्य प्रदेश और राजस्थान विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अपने गोत्र को लेकर बड़ा खुलासा किया था। उस वक्त राजस्थान के प्रसिद्ध पुष्कर मंदिर में उन्होंने पूजा-अर्चना की। पूजा कराने वाले पुजारी ने दावा किया था कि राहुल गांधी का दत्तात्रेय गोत्र है। गोत्र बताया था कि दत्तात्रेय कौल हैं और कौल कश्मीरी ब्राह्म्ण होते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने उस वक्त भी ली थी राहुल की चुटकी
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने उस वक्त गोत्र पर सियासी बवाल के बीच राहुल गांधी की चुटकी लेते हुए एक वीडियो शेयर किया था। गिरिराज ने फिल्म 'जॉली एलएलबी' का एक हिस्सा अपलोड किया था। राहुल गांधी पर उस वक्त कई भाजपा नेताओं ने राहुल पर सवाल उठाते हुए ये कहा था कि राहुल दत्तात्रेय गोत्र से कैसे हो सकते हैं, उनके दादा (फिरोज गांधी) हिंदू नहीं थे।
'राहुल को अपना उपनाम 'फिरोज' रखना चाहिए'
राहुल गांधी की आस्था पर सवाल उठाते हुए मंगलवार को साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि 'गोत्र' व्यवस्था के अनुसार कांग्रेस नेता को उपनाम 'फिरोज' लगाना चाहिए। हिंदू धर्म में 'गोत्र' व्यवस्था के अनुसार उनका उपनाम 'फिरोज' होगा न कि 'गांधी'। उन्होंने ये भी दावा किया कि नेहरू-गांधी परिवार को हिंदू धर्म की जानकारी नहीं है।
