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गिरफ्तारी के खिलाफ प्रोफेसर महमूदाबाद पहुंचे SC, आज सुनवाई संभव; ऑपरेशन सिंदूर पर विवादित टिप्पणी करने का है आरोप

Professor Ali Khan Mahmudabad: प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद की गिरफ्तारी के खिलाफ दाखिल याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)

Photo : PTI

Professor Ali Khan Mahmudabad: अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद की गिरफ्तारी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है, जिसपर आज सुनवाई भी हो सकती है। प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद पर आरोप है कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर विवादित टिप्पणी की है। बीजेपी के एक नेता की शिकायत पर महमूदाबाद को गिरफ्तार किया गया है।

प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। जिस पर आज सुनवाई किए जाने की संभावना है। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल द्वारा सीजेआई बी आर गवई और न्यायमूर्ति ए जी मसीह की पीठ से तत्काल सुनवाई के अनुरोध के बाद शीर्ष अदालत ने सोमवार को मामले को सूचीबद्ध किया था। महमूदाबाद के वकील ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर पर उनके "देशभक्ति वाले बयानों" के लिए मुकदमा चलाया जा रहा है।

किसने प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ की शिकायत

हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया और जठेरी गांव के सरपंच और भाजपा युवा मोर्चा के महासचिव योगेश जठेरी की शिकायतों के आधार पर उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। जिसके बाद प्रोफेसर महमूदाबाद को पुलिस ने हिरासत में लिया था। शिकायतों में प्रोफेसर पर महिला अधिकारियों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने और कथित तौर पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।

हरियाणा राज्य महिला आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान

इससे पहले, हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने प्रोफेसर महमूदाबाद की टिप्पणियों पर स्वतः संज्ञान लिया था, जिन्हें भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं के प्रति अपमानजनक माना गया था और सांप्रदायिक विद्वेष को बढ़ावा देने वाला माना गया था। आयोग ने उन्हें तलब किया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। बाद में, महमूदाबाद ने स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा उनकी टिप्पणियों को "गलत तरीके से पढ़ा" गया था।महमूदाबाद ने एक्स पर कहा था- "[मुझे] आश्चर्य है कि महिला आयोग ने अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण करते हुए, मेरी पोस्ट को इस हद तक गलत तरीके से पढ़ा और समझा कि उन्होंने उसका अर्थ ही बदल दिया।"

अशोका विश्वविद्यालय ने क्या कहा

घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, अशोका विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कहा कि वे मामले के विवरण का पता लगाने की प्रक्रिया में हैं। विश्वविद्यालय ने यह भी कहा कि वह जांच में पुलिस और स्थानीय अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करेगा।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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