Acharya Pramod Krishnam: कांग्रेस पार्टी से बाहर होने के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद रविवार को उनकी पहली प्रतिक्रिया सामने आई, जिसमें आचार्य प्रमोद ने कांग्रेस के आलाकमान पर कई हमले किए। उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी में सचिन पायलट जी का बहुत अपमान हुआ है, लेकिन वे भगवान शिव की तरह जहर पीये जा रहे हैं।
आचार्य प्रमोद कृष्णम
आचार्य प्रमोद ने कहा, पार्टी में प्रियंका गांधी जी की बहुत तौहीन हुई है। जब ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों की लिस्ट जारी हुई तो देश की आजादी के बाद आज तक किसी भी पदाधिकारी के सामने यह नहीं लिखा गया, जो प्रियंका गांधी के आगे लिखा गया। उनके आगे लिखा गया प्रियंका गांधी जनरल सेक्रेटरी विद आउट पोर्ट फोलियो... यानी आप जनरल सेक्रेटरी हैं, लेकिन कुछ काम नहीं करेंगी।
राहुल गांधी की यात्रा में शामिल क्यों नहीं हुई प्रियंका
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, प्रियंका गांधी से पूछा जाना चाहिए कि राहुल गांधी जो यात्रा कर रहे हैं, उसमें शामिल क्यों नहीं हुईं? यह सब किसके इशारे पर किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर भी निशाना साधा और उन्हें रबर स्टंप बताया। अपने निष्कासन पर कहा, मैं कांग्रेस पार्टी का नौकर नहीं था और न ही मैंने कभी उनसे नौकरी मांगी थी। मैं कांग्रेस की मूल विचारधारा से जुड़ा रहा हूं। कांग्रेस की विचारधारा सर्वधर्म समभाव है। पार्टी की आत्मा महात्मा गांधी हैं, उनकी हर सभा की शुरुआत 'रघुपति राघव राजा राम' से होती थी। राम राज्य का सपना सबसे पहले महात्मा गांधी ने देखा, आज उस सपने को नरेंद्र मोदी पूरा कर रहे हैं। उनके फैसले का समर्थन होना चाहिए। कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व नरेंद्र मोदी से इतनी नफरत करने लगा है कि वह अब पूरे देश से नफरत करने लगा है, सनातन को मिटाने लगा है।
राम मंदिर के उद्घाटन में जाना इतना बढ़ा गुनाह
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इस दौरान आरोप लगाया कि उन्हें राम मंदिर के उद्घाटन में जाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कल्कि धाम के उद्घाटन में आमंत्रित करने के लिए निष्कासित किया गया है। उन्होंने कहा, क्या भगवान राम के मंदिर जाना इतना बड़ा गुनाह है, क्या श्री कल्कि धाम बनाने का संकल्प लेना और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ और स्मृति ईरानी को आमंत्रित करना क्या इतना बड़ा गुनाह है कि हमारी 40 साल की तमाम तपस्या को आप खत्म कर देंगे। महाभारत में षड्यंत्र शकुनी ने रचा गया और जिस तरह से अभिमन्यु का वध हुआ उसके बाद धतराष्ट्र का वंश समाप्त हो गया। उन्होंने कहा, थोड़ी तकलीफ हुई है, लेकिन मैं कांग्रेस के उन नेताओं का आभार जताना चाहता हूं जिन्होंने मेरा निष्कासन कराया है उनसे कहना चाहता हूं कि भगवान राम का वनवास 14 वर्ष था, इसलिए मेरे निष्कासन को 6 साल से बढ़ार 14 साल कर दिया जाए।
