एक समय था, जब प्रयागराज (Prayagraj) में अतीक अहमद (Atiq Ahmed) जिस गली से निकलता था, गली खाली हो जाती थी, लोग झुक-झुक कर सलाम करते थे, तब प्रयागराज, इलाहाबाद कहलाता था, आज उसी प्रयागराज में अतीक अहमद के बेटे कैदी की तरह निकलेंगे। कभी इन्हीं गलियों में उनकी धाक जमती थी, माफिया के बॉस थे और आज सिर्फ एक कैदी हैं। वो भी जेल से सिर्फ इसलिए बाहर आ सके हैं, क्योंकि छोटे भाई अबान अहमद के जनाजे में शामिल होना है। उस छोटे भाई के जनाजे में जो अपने जेल में बंद भाई से मिलने झांसी जा रहा था और हादसे का शिकार हो गया।
अतीक अहमद के छोटे बेटे का आज निकलेगा जनाजा (AI Photo)
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पुलिस की सुरक्षा कड़ी
माफिया अतीक के दोनों बेटों के प्रयागराज आने की खबर के साथ ही चकिया और आसपास के इलाकों में हलचल तेज हो गई है। लोग उनके घर और दफ्तरों तक पहुंच रहे हैं। लोगों के बीच चर्चा है कि कभी जिन सड़कों पर अतीक के बेटे लाव-लश्कर और महंगी लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ निकलते थे, अब उन्हीं रास्तों से वे पुलिस की कड़ी सुरक्षा में कैदियों की तरह गुजरेंगे।
अतीक अहमद के दफ्तर के सामने से गुजरेंगे दोनों भाई
पुलिस जिस रास्ते से दोनों भाइयों को प्रयागराज लेकर आएगी, उसमें सबसे पहले चकिया स्थित अतीक के दफ्तर का इलाका आएगा। इसके बाद कसारी-मसारी स्थित उस मकान तक पहुंचेंगे, जिसे प्रशासन ने कुर्क कर रखा है। इसके बाद दोनों को कब्रिस्तान ले जाया जाएगा, जहां अंतिम रस्में पूरी होंगी।
सिर्फ चार लोगों से बात कर सकेंगे अतीक के बेटे
माफिया और पूर्व सांसद दिवंगत अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद के जनाजे में शामिल होने के लिए उसके दो भाइयों झांसी जेल में बंद अली अहमद और लखनऊ जेल में कैद मोहम्मद उमर को शुक्रवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से सशर्त पेरोल मिल गई। अदालत ने निर्देश दिया कि अंतिम संस्कार और परिवार के चार सदस्यों का मिलन पूरा होने के बाद उमर और अहमद को पुलिस अभिरक्षा में उनकी जेलों में वापस लाया जाएगा। अदालत ने कहा कि उमर और अहमद किसी जनसभा को संबोधित नहीं करेंगे, सोशल मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया समेत मीडिया से बातचीत नहीं करेंगे। अदालत ने कहा कि इसके अलावा, वे अंतिम संस्कार कर रहे धार्मिक व्यक्ति, अपनी बुआ परवीन कुरैशी और भाई अहजम अहमद के अलावा किसी से बातचीत नहीं करेंगे। साथ ही वे पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के निर्देशों का सख्ती से पालन करेंगे।
