Vyas Ji Basement: ज्ञानवापी केस में बुधवार को वाराणसी की जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। जिला अदालत ने ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यास जी के तहखाने में पूजा करने की हिंदू पक्ष की मांग स्वीकार कर ली और जिला प्रशासन, विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट और हिंदू वादियों को एक सप्ताह के भीतर तहखाने में पूजा-पाठ की व्यवस्था करने का आदेश दिया। वाराणसी कोर्ट के इस आदेश के बाद हिंदू पक्ष ने बुधवार रात ही तहखाने में पूजा-पाठ की। इस पूजा-पाठ का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में पुजारी को वहां आरती करते देखा जा सकता है। तहखाने में पूजा शुरू करने से पहले उसे गंगा जल से पवित्र किया गया।
कोर्ट के इस आदेश को हिंदू पक्ष इसे सत्य एवं न्याय की जीत बता रहा है। हिंदू पक्ष के वकीलों ने कहा कि यह उनके लिए भावुक क्षण है। आज लंबे समय की उनकी मांग पूरी हुई है। इस फैसले के खिलाफ मस्जिद कमेटी हाई कोर्ट पहुंचा है और अर्जी दायर कर जिला अदालत के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है।
विष्णु जैन बोले- चल-अचल विग्रह की पूजा शुरू हुई
ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने कहा कि यह उनके लिए बहुत ही भावुक क्षण है। एक सरकार ने गलत मंशा की वजह से तहखाने में पूजा-पाठ पर रोक लगवा दी लेकिन हमें खुशी है कि कोर्ट ने हमारी बात सुनी और हमारी जीत हुई। तहखाने में नित्य पूजा-पाठ शुरू हो गई है। तहखाने की पूजा-पाठ में कुल 8 मूर्तियां रखी गई हैं। भगवान विष्णु, भगवान गणेश, हनुमान जी की दो मूर्तियों, राम नाम लिखा पत्थर सहित अन्य हिंदू धार्मिक विग्रहों को प्रतिस्थापित किया गया है। तहखाने में पहले से मौजूद चल-अचल विग्रह की पूजा शुरू हुई है।
हम अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे
जैन ने कहा कि वहां अखंड ज्योति जलाई गई है। सुबह के वक्त मंगला आरती होगी, दोपहर में भोग आरती, शाम को आरती और फिर शयन आरती होगी। तहखाने में 1993 से पहले जिस विधि-विधान से पूजा पाठ होता था, वैसे ही अब होगा। हम आगे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और मांग करेंगे कि जिस वजू खाने में शिवलिंग मिला है, कोर्ट उस जगह की एएसआई सर्वे कराने की मंजूरी दे।
