Rahul Gandhi on Manipur: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पार्टी सांसद राहुल गांधी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो घंटे से अधिक की अपनी स्पीच (अविश्वास प्रस्ताव पर संसद के भीतर) में जलते मणिपुर पर सिर्फ दो मिनट बात की। उल्टा संसद में वह संबोधन के दौरान मुस्कुरा रहे थे और हंस-हंस कर के मजाक कर रहे थे। नॉर्थ ईस्ट के सूबे में आग लगी है और ऐसे में हंसी-मजाक करना प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता है।
शुक्रवार (11 अगस्त, 2023) को उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने दावा भी किया कि मणिपुर को दो हिस्सों में बांट दिया गया है। वहां भारत की अवधारणा (आइडिया ऑफ इंडिया) और हिंदुस्तान की हत्या कर दी गई है। प्रधानमंत्री नहीं चाहते कि पूर्वोत्तर के इस राज्य में लगी आग बुझे।
गांधी के मुताबिक, ‘‘कल (बृहस्पतिवार) पीएम ने लोकसभा में दो घंटे 13 मिनट का भाषण दिया, लेकिन इसमें मणिपुर पर सिर्फ दो मिनट बात की। मणिपुर में महीनों से आग लगी है, लोग मारे जा रहे हैं, बलात्कार हो रहे हैं, बच्चों को मारा जा रहा है और प्रधानमंत्री हंस-हंसकर बात कर रहे थे। मजाक कर रहे थे। ये हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता।’’
बकौल राहुल, ‘‘संसद के बीच में बैठे प्रधानमंत्री बेशर्मी से हंस रहे थे... मुद्दा कांग्रेस या मैं नहीं थे, मुद्दा यह था कि मणिपुर में क्या हो रहा है? और इसे क्यों नहीं रोका जा रहा है।’’गांधी ने यह भी कहा कि मोदी इस बात को समझ नहीं पाते कि भारत का प्रधानमंत्री होना क्या है।
देखें, संसद में 10 अगस्त 2023 को पीएम मोदी ने क्या कुछ कहा और उनका उस दौरान कैसा रिएक्शन रहा:
संसद के निचले सदन लोकसभा में विपक्ष के अविवश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मोदी ने एक रोज पहले गुरुवार को कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया था।
उन्होंने मणिपुर में शांति बहाली के लिए सभी से मिलकर काम करने और वहां के लोगों के लिए ‘दर्द की दवा’ बनने का आग्रह करते हुए कहा था कि देश का पूर्वोत्तर क्षेत्र वैश्विक दृष्टि से ‘‘केद्र बिंदु’’ बनने वाला है तथा मणिपुर में शांति का सूरज उगेगा। हालांकि, अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया था। (एएनआई और पीटीआई इनपुट्स के साथ)
