Nepal Flash Flood Helpline Number: नेपाल के तिब्बत सीमा से सटे रेसुवा जिले में बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद करीब 400 लोग लापता हैं। इनमें 105 भारतीय पर्यटक और 37 एनआरआई शामिल हैं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 55 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, पीएम मोदी ने भी नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह से फोन पर बात की है। उन्होंने नेपाल में इस आपदा से जान गंवाने वालों के प्रति दुख जाहिर किया।
पीएम मोदी
अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की ओर से अचानक बाढ़ आ गई जिसके कारण भोटे कोशी नदी का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया। पानी के तेज बहाव के कारण रसुवा और धादिंग जिलों में बड़े पैमाने पर तबाही का आलम है। बाढ़ से नदी किनारे बसे इलाकों और कई बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचा है। कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
105 भारतीयों का पता नहीं
नेपाल पर्यटन बोर्ड (NTB) के अनुसार,रसुवा में बाढ़ के बाद कुल 384 यात्री लापता बताए गए हैं। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता विदेशी पर्यटकों में 105 भारतीय, 37 एनआरआई के अलावा अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के नागरिक शामिल हैं।
105 भारतीय लापता।
PM मोदी ने बालेन शाह से फोन पर की बात
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात की है।इस दौरान उन्होंने नेपाल में इस आपदा से जान गंवाने वालों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की। भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल में बाढ़ के कारण हुई मौतों पर गहरी संवेदना जताई और हर संभव मानवीय एवं राहत सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
नेपाल में भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
इस बीच, नेपाल में भारतीय दूतावास ने भीषण फ्लैश फ्लड को लेकर प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता और जानकारी के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500
दूतावास ने कहा कि प्रभावित भारतीय नागरिक या उनके परिजन किसी भी सहायता के लिए इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
SSB भी अलर्ट,11 बचाव टीमें सक्रिय
वहीं, नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने भारत-नेपाल सीमा पर तैनात अपनी सभी इकाइयों को अलर्ट कर दिया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बल की 11 बचाव एवं राहत टीमों (RRT)को तत्काल सक्रिय किया गया है, जबकि 7 अतिरिक्त टीमें स्टैंडबाय पर रखी गई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि कोशी और नारायणी नदी बेसिनों में जल प्रवाह बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा नेपाल की छोटी नदियों में भी अचानक बाढ़ आने की संभावना को देखते हुए सतर्कता बढ़ाई गई है।
वहीं, भारत में भी सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में घाघरा, करनाली और महाकाली नदी प्रणालियों के किनारे स्थित संवेदनशील जिलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।एसएसबी ने संभावित बाढ़ और आपात स्थिति को देखते हुए अपनी राहत एवं बचाव क्षमता को तैयार रखा है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।
रसुवा-धादिंग के अलावा यहां भी मची तबाही
बाढ़ का असर रसुवा और धादिंग के अलावा काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट जिले में भी पड़ा है। यहां भी फ्लैश फ्लड के कारण भीषण तबाही मची है। वहीं, अधिकारियों और राहत एजेंसियों की ओर से लापता लोगों की तलाश और प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
इसके साथ ही बोर्ड ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसके मुताबिक, एहतियात के तौर पर, काठमांडू घाटी की ट्रैफिक पुलिस ने काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन जाने वाले वाहनों को रोक दिया है।
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने भी जारी किए नंबर
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने प्रभावित लोगों और उनके परिजनों की सहायता के लिए आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए हैं। मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 1234, हॉटलाइन 1144 या टूरिस्ट पुलिस नंबर 9851289445 पर संपर्क किया जा सकता है।
बचाव और आपातकालीन कार्रवाई में मदद के लिए नेपाल सेना के दो हेलीकॉप्टर रसुवा भेजे गए हैं। गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने जनता और यात्रियों से प्रभावित हाईवे और नदी के रास्तों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने का आग्रह किया है। उन्होंने भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के पास और मुग्लिन की ओर नीचे की तरफ रहने वाले निवासियों और पर्यटकों से भी अपील की है कि वे अगली सूचना तक पूरी तरह सतर्क रहें।
