Gurmeet Ram Rahim’s parole : डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से राहत मिली है। राम रहीम को 40 दिनों की मिली पैरोल रद्द करने की मांग वाली एक जनहित याचिका को कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया। दरअसल, जनहित याचिका दायर करने वाले याचिककार्ता ने अपना केस वापस ले लिया। यह जनहित याचिका हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रवि शंकर झा एवं जस्टिस अरुण पल्ली की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया था। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता एवं वकील एचसी अरोड़ा ने डेरा प्रमुख को ओर से अपलोड किए गए वीडियो को सोशल मीडिया से डिलीट करने के लिए यूट्यूब एवं अन्य प्लेटफॉर्मों को निर्देश जारी करने की मांग की।
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से गुरमीत राम रहीम को राहत मिली है।
रेप के दोषी राम रहीम को हुई है 20 साल की सजा
बता दें कि गुरमीत राम रहीम गत 15 अक्टूबर को रोहतक की सुनरिया जेल से 40 दिनों की पैरोल पर रिहा हुए। सिरसा आश्रम में अपनी दो शिष्याओं का रेप करने का दोषी पाए जाने पर उन्हें 20 साल की सजा हुई है। कोर्ट ने साल 2017 में उन्हें यह सजा सुनाई। साल 2019 में एक पत्रकार की हत्या का दोषी ठहराया गया। यही नहीं साल 2021 में उन्हें अपने एक मैनेजर की हत्या करने का भी दोषी पाया गया। अरोड़ा ने अपनी अर्जी में कहा कि डेरा चीफ को मिला नियमित पैरोल हरियाणा गुड कंडक्ट ऑफ प्रिजनर्स (टेम्पोरेरी रिलीज) अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।
पैरोल पर रिहाई के बाद ऑनलाइन सत्संग किया
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से सवाल किया कि आखिर एक व्यक्ति के खिलाफ लगाई गई याचिका को जनहित याचिका कैसे मान लिया जाए। पैरोल पर बाहर आया गुरमीत राम रहीम पिछले कुछ दिनों से ऑनलाइन सत्संग कर रहा है। इस दौरान उसने कुछ गानों की शूटिंग भी की। इसके अलावा वह अपने अनुयायियों को ‘बेटा’ होने का आशीर्वाद भी दे रहा है। बताया जा रहा है कि इन सत्संगों में बीजेपी की हरियाणा इकाई के कई नेताओं ने भाग लिया था।
राम रहीम का राजनीतिक रसूख ज्यादा
राम रहीम का राजनीतिक रसूख बहुत ज्यादा है कि उसके पास डेरा समर्थकों की वोट की ताकत है। दुनिया भर में 6 करोड़ से ज्यादा डेरा समर्थक हैं। भारत में हरियाणा और पंजाब में तो इसके समर्थक सबसे ज्यादा हैं। परोल पर बाहर आए राम रहीम ने अपनी करीबी हनीप्रीत का नाम बदल डाला। राम रहीम ने हनी प्रीत का नाम रूहानी दीदी रख दिया है।
