हाल में SIR और चुनाव में निष्पक्षता को लेकर चुनाव आयोग सवालों के घेरे में है। विपक्ष से लेकर कई सिविल सोसाइटी तक चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। अब इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली में कथित संस्थागत कमियों की जांच के लिए भारत के किसी पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) या उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति के गठन की मांग की गई है।
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो- PTI)
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अधिवक्ता विशाल तिवारी ने दाखिल की याचिका
यह जनहित याचिका अधिवक्ता विशाल तिवारी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। याचिका में तर्क दिया गया है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की साख को बनाए रखने के लिए एक निष्पक्ष तथा स्वतंत्र विशेषज्ञ निकाय द्वारा इसकी कार्यशैली का पुनर्मूल्यांकन और गहन विश्लेषण किया जाना आवश्यक है।
चुनाव प्रचार में धर्म और नफरती भाषणों के इस्तेमाल पर रोक की मांग
संस्थागत जांच के अलावा, याचिका में चुनाव आयोग को कड़े निर्देश देने की मांग भी की गई है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी उम्मीदवार या राजनीतिक दल द्वारा धार्मिक पहचान का आह्वान करने या धार्मिक प्रतीकों का प्रदर्शन करने पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।
चुनाव जीतने या ध्रुवीकरण के उद्देश्य से दिए जाने वाले सांप्रदायिक, सांप्रदायिक अपील और नफरती भाषणों पर चुनाव आयोग तुरंत और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन
अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में प्रदर्शनों का दौर चल रहा है। प्रदर्शनकारी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
